∆  पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों व नगर सुरक्षा समिति सदस्यों ने सीखी, सीपीआर ट्रेनिंग की उपयोगिता व प्रक्रिया में ध्यान रखने वाली आवश्यक बातें।

 

इंदौर- किसी अप्रिय स्थिति में पीड़ित को तत्काल प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु पुलिसकर्मी प्रशिक्षित हो इस उद्देश्य से, पुलिस कमिश्नर इंदौर के दिशा निर्देशन में पुलिसकर्मियों के लिए समय समय पर विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

इसी अनुक्रम में आज दिनांक 21/02/2026 को थाना संयोगितागंज, इंदौर परिसर में कोकीलाबेनअस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों के सहयोग से संयोगितागंज अनुभाग के पुलिसकर्मियों के के लिए सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।

 

विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बताया कि अचानक हृदयगति रुकने (Cardiac Arrest) अथवा दुर्घटना की स्थिति में एम्बुलेंस के पहुंचने से पूर्व प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) के रूप में सीपीआर एक अत्यंत प्रभावी जीवन-रक्षक तकनीक है। प्रशिक्षण के दौरान डॉक्टरों एवं हेल्थकेयर पेशेवरों ने पुलिसकर्मियों, डायल-112 पायलटों तथा स्थानीय नागरिकों को प्रैक्टिकल मॉक डेमो के माध्यम से सीपीआर की सही विधि सिखाई।

 

प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु:

  • सीपीआर (चेस्ट कंप्रेशन) शीघ्र प्रारंभ करने से जीवित रहने की संभावना 2–3 गुना तक बढ़ जाती है।
  • प्रति मिनट 100–120 बार छाती पर दबाव (Compression) देना अत्यंत आवश्यक है।
  • यह प्रशिक्षण पुलिस की स्वयं की सुरक्षा के साथ-साथ जन-सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

 

पुलिस प्रशासन ने समस्त नागरिकों से अपील की है कि वे सीपीआर जैसे जीवन-रक्षक कौशल अवश्य सीखें, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर सहायता प्रदान कर अमूल्य जीवन की रक्षा की जा सके।

 

इस कार्यक्रम में एसीपी संयोगितागंज श्री तुषार सिंह, थाना प्रभारी श्री के. पी. सिंह यादव सहती अनुभाग के थाना संयोगितागंज, थाना पलासिया एवं थाना छोटी ग्वालटोली के पुलिसकर्मी, नगर सुरक्षा समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

 

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