- अब QR कोड स्कैन कर, मलखाने में रखे साक्ष्यों व जप्त माल की हो सकेगी स्मार्ट तरीके से रियल टाइम व पारदर्शी ट्रैकिंग ।
इंदौर – 24 जनवरी, 2026 – मध्यप्रदेश पुलिस के आधुनिकीकरण और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने की दिशा में आज इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा आज थाना गांधी नगर नगरीय इंदौर में प्रथम डिजिटल मालखाना का विधिवत शुभारंभ किया गया, जो कि मध्य प्रदेश पुलिस के इतिहास में डिजिटल मालखाना शुरू करने वाला दूसरा पुलिस थाना है।
QR-कोड आधारित स्मार्ट ट्रैकिंग के माध्यम से अब केस प्रॉपर्टी (जब्त माल) का संग्रह, सुरक्षा और निगरानी पूरी तरह पारदर्शी और रियल-टाइम होगी। यह पहल पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
डिजिटलाइजेशन की मुख्य प्रक्रियाः-
म.प्र. पुलिस की एससीआरबी शाखा के सहयोग से संचालित इस प्रोजेक्ट के तहत पारंपरिक मालखाना प्रणाली को पूरी तरह बदल दिया गया है:
- डेटा एंट्रीः- जब्त माल का विश्लेषण कर उसके फोटो, दस्तावेज और संबंधित अधिकारी के हस्ताक्षर डिजिटल मालखाना सॉफ्टवेयर पर अपलोड किए जाते हैं।
- यूनिक कोडिंगः- प्रत्येक वस्तु के लिए एक यूनिक बार-कोड जनरेट होता है, जिसे संबंधित माल पर चस्पा किया जाता है।
- स्मार्ट स्टोरेजः- जिस बॉक्स में माल रखा जाता है, उस पर QR-कोड लगाया जाता है, जिससे उसकी लोकेशन तुरंत ट्रेस की जा सके। यही प्रक्रिया वाहनों और अन्य बड़ी संपत्तियों के लिए भी लागू की गई है।
डिजिटल मालखाना की प्रमुख विशेषताएं:-
* रियल-टाइम एक्सेसः प्रॉपर्टी के प्रकार, मात्रा और स्थिति की जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी।
* जवाबदेही: माल कब निकाला गया और किसने जमा किया, इसका डिजिटल लॉग (लोग) रिकॉर्ड होगा, जिससे हेरफेर की संभावना खत्म होगी।
* सुरक्षित प्रबंधनः डिजिटल ट्रैकिंग के कारण प्रॉपर्टी के गुम होने या चोरी होने का भय नहीं रहेगा। भविष्य में इसे बायोमेट्रिक्स और सीसीटीवी से भी जोड़ा जाएगा।
* त्वरित ऑडिटः निरीक्षण के दौरान अब मैनुअल रजिस्टर खोजने की जरूरत नहीं होगी; सॉफ्टवेयर स्वतः स्टॉक रिपोर्ट और लॉग हिस्ट्री जनरेट करेगा।
* स्मार्ट डैशबोर्डः वरिष्ठ अधिकारी वेब और मोबाइल डैशबोर्ड के जरिए कहीं से भी मालखाने की निगरानी कर सकेंगे।
इंदौर पुलिस कमिश्नरेट की इस अभिनव पहल के शुभारंभ के अवसर पर, पुलिस कमिश्नर इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह ने कहा कि, तकनीक का यह प्रयोग न केवल साक्ष्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया में भी तेजी लाएगा। और आमजन की सुरक्षा व उनके हितों को ध्यान में रखते हुए इंदौर पुलिस आधुनिक तकनीकी का सहारा लेकर नित नए प्रयासों से पुलिसिंग को और उन्नत करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत रहेगा।
इस अवसर पर अति. पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) श्री अमित सिंह, अति. पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) श्री आर. के सिंह, नगरीय इंदौर के पुलिस उपयुकगण श्री कुमार प्रतीक, श्री कृष्णलाल चंदानी, श्री राजेश व्यास, श्री आनंद कलंदगी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण सहित गणमान्य नागरिकगण भी उपस्थित रहे और सभी ने स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में प्रारंभ की गई, इस अभिनव पहल को पुलिस अनुसंधान में बहुत मददगार साबित होगी, बताया।
डिजिटल मालखाना, पुलिस के कार्य में तकनीकी क्रांति की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है —
यह केवल एक सॉफ्टवेयर नहीं, बल्कि न्याय प्रणाली में विश्वास, पारदर्शिता और दक्षता का नया प्रतीक है।
यह पहल आने वाले समय में पूरे प्रदेश के थानों में भी अपनायी जाएगी और स्मार्ट पुलिसिंग के नए युग की शुरुआत करेगी।






