🔸ज़ोन 4 पुलिस ने सुनियोजित वारदात का, त्वरित कार्यवाही कर किया खुलासा, 03 आरोपियों को किया गिरफ्तार

 

🔸लुटेरो ने पहचान छिपाकर, वाहन में फर्जी नंबर प्लेट लगा शातिराना तरीके से दिया था घटना को अंजाम, लेकिन पुलिस के आगे नाकाम।

 

🔸आरोपियों ने फरियादी की पूर्व से रैकी कर योजनाबद्ध तरीके से दिया था वारदात को अंजाम।

 

🔸800 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण कर, पुलिस पहुँची आरोपियों तक।

 

इंदौर ।  दिनांक 11.06.2026 को फरियादी मुकुल अग्रवाल पिता अरुण अग्रवाल, उम्र 22 वर्ष, निवासी रामचंद्र नगर एक्सटेंशन, एरोड्रम रोड, इंदौर,   स्क्रैप व्यवसाय के विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों से भुगतान राशि संग्रहित कर रहे थे, जिसमें फरियादी ने कुल ₹29,65,000/- की राशि प्राप्त कर उसे अपने बैग में रखकर दोपहिया वाहन से ले जाया जा रहा था। इसी दौरान

लगभग रात 08:25 बजे जब फरियादी जायसवाल धर्मशाला के समीप थाना पंढरीनाथ क्षेत्र में पहुंचा, तभी पीछे से एक एक्टिवा पर सवार दो अज्ञात व्यक्तियों ने उसे रोक लिया। आरोपियों द्वारा फरियादी के साथ मारपीट कर उसके पास रखा नकदी से भरा बैग छीन लिया गया तथा आरोपी मौके से फरार हो गए। फरियादी द्वारा पीछा करने का प्रयास किया गया, किंतु आरोपी फरार हो गए।

घटना की सूचना पर तत्काल थाना पंढरीनाथ में अपराध  पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

 

पुलिस कार्यवाही –

घटना की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा त्वरित कार्यवाही कर आरोपियों  की गिरफ्तारी के दिशा-निर्देश दिए गए।

उक्त निर्देशों के अनुक्रम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री मयंक अवस्थी व पुलिस उपायुक्त जोन-4 श्री सुनील मेहता के द्वारा अति पुलिस उपायुक्त ज़ोन 4 के नेतृत्व में 08 विशेष पुलिस टीमों का गठन कर लगाया।

जांच के दौरान पुलिस टीमों द्वारा घटना स्थल एवं संभावित मार्गों के 800 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्यों व विश्लेषण, मुखबिर तंत्र एवं पुलिसिंग के माध्यम से आरोपियों की तलाश प्रारंभ की गई।

जांच के दौरान एक फर्जी नंबर प्लेट वाली संदिग्ध एक्टिवा चिन्हित हुई, जिसके आधार पर पुलिस टीमों द्वारा इंदौर सहित आसपास के शहरों व राज्यों आदि के संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी गई।

अनुसंधान में यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों द्वारा फरियादी की पूर्व से रैकी की जा रही थी तथा फरियादी का पीछा किया जा रहा था। सुनियोजित योजना के तहत उपयुक्त अवसर पाकर आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया।

प्रारंभिक पूछताछ में मुख्य साजिशकर्ता चंद्रशेखर उर्फ चंदू ने बताया कि क्रिप्टोकरेंसी में आर्थिक नुकसान एवं कर्ज के चलते उसने लूट की योजना बनाई। उसने अपने साथियों प्रवीण एवं अमर को फरियादी की रैली हेतु लगाया था, जिन्होंने भुगतान संग्रहण के प्रथम स्थान से ही फरियादी का पीछा करना प्रारंभ कर दिया था।

पुलिस टीमों द्वारा लगातार तलाश एवं दबिश की कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी चंदू उर्फ चंद्रशेखर को पकड़ा तथा उससे प्राप्त जानकारी पर उसके साथी प्रवीण एवं अमर को भी पुलिस की अलग-अलग टीमों द्वारा पीछा कर सुनियोजित घेराबंदी करते हुए गिरफ्तार किया गया।

 

बरामदगी-

कार्यवाही के दौरान पुलिस टीम द्वारा आरोपियों के कब्जे से लूट की राशि में से कुल ₹22,60,000/- नगद, लूट के रुपयों से खरीदी गई आई-20 कार एवं घटना से संबंधित महत्वपूर्ण मश्रुका बरामद किया गया।

 

* आरोपी चंद्रशेखर उर्फ चंदू के कब्जे से ₹10,00,000/- नगद एवं फरियादी का नीले रंग का बैग, जिसमें लूटी गई राशि रखी गई थी।

 

* आरोपी अमर उर्फ भांजा के कब्जे से ₹6,00,000/- नगद तथा लूट के रुपयों से खरीदी गई आई 20 कार MP66-C 0816

 

* आरोपी प्रवीण के कब्जे से ₹6,60,000/- नगद, घटना के समय उपयोग किया गया हेलमेट एवं घटना दिनांक को पहनी गई टी-शर्ट बरामद की गई।

 

शेष लूटी गई राशि की बरामदगी एवं घटना से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों के संबंध में पूछताछ हेतु आरोपियों का पुलिस रिमांड प्राप्त किया है। प्रकरण में विस्तृत विवेचना एवं अन्य पहलुओं पर पूछताछ जारी है।

 

गिरफ्तार आरोपी-

  1. प्रवीण भंडारी निवासी पालदा, इंदौर।

 

  1. अमर उर्फ भांजा अहिरवार निवासी कुलकर्णी भट्टा, परदेशीपुरा, इंदौर।

 

  1. चंद्रशेखर उर्फ चंदू मुकाती निवासी ग्राम सन्नोद, देवास (मुख्य साजिशकर्ता)।गई।

 

पुलिस का टीम:-

उक्त सराहनीय कार्यवाही में अति पुलिस उपायुक्त श्री दिशेष अग्रवाल, सहायक पुलिस आयुक्त सराफा श्री विजय तिवारी, थाना प्रभारी पंढरीनाथ सतीश पटेल सहित जोन 4 पुलिस की समस्त विशेष टीमों की महत्वपूर्ण एवं उल्लेखनीय भूमिका रही।

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