- मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड में प्रयुक्त म्यूल बैंक खाते का किया खुलासा।
- मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश एवं कर्नाटक में दर्ज साइबर फ्रॉड शिकायतों से जुड़ा मिला संदिग्ध बैंक खाता।
- म्यूल बैंक खाते के माध्यम से 4 प्रतिशत कमीशन लेकर साइबर फ्रॉड की राशि प्राप्त करने का हुआ खुलासा।
- 02 आरोपी गिरफ्तार, 04 बैंक खातों की पासबुक, चेकबुक एवं एटीएम/डेबिट कार्ड सहित अन्य सामग्री जप्त।
इंदौर- साइबर अपराधों की रोकथाम हेतु प्रभावी कार्यवाही के पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह के निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त
श्री मयंक अवस्थी व पुलिस उपायुक्त जोन-02 श्री अमन सिंह राठौड़ द्वारा दिए निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-02 श्री अमरेन्द्र सिंह तथा सहायक पुलिस आयुक्त परदेशीपुरा श्रीमती हिमानी मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना परदेशीपुरा पुलिस द्वारा ऑपरेशन MATRIX 2.0 के तहत प्रभावी कार्यवाही करते हुए मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड में प्रयुक्त संदिग्ध म्यूल बैंक खाते का खुलासा कर 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
कार्यवाही का विवरण
साइबर अपराधों की रोकथाम एवं साइबर फ्रॉड में प्रयुक्त होने वाले म्यूल बैंक खातों (Mule Bank Accounts) की पहचान कर उनके धारकों, संचालकों एवं उपयोगकर्ताओं के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही करने हेतु राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय, भोपाल के निर्देशानुसार ऑपरेशन MATRIX 2.0 (Mule Account Tracking Removal Investigation Exercise) संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में थाना परदेशीपुरा पुलिस द्वारा गृह मंत्रालय के 14C पोर्टल पर उपलब्ध म्यूल बैंक खातों से संबंधित डेटा का परीक्षण किया गया। जांच के दौरान सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, शाखा क्लर्क कॉलोनी, परदेशीपुरा, इंदौर में संचालित खाताधारक दिव्यांश वर्मा का बैंक खाता संदिग्ध म्यूल बैंक खाते के रूप में सामने आया।
कमीशन लेकर बैंक खाते में प्राप्त करता था राशि – पूछताछ में प्रथम दृष्टया सामने आया कि आरोपी दिव्यांश वर्मा क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग का कार्य करता था तथा आयकर रिटर्न (ITR) भी दाखिल करता था। आरोपी अपने साथी रौनक उर्फ सतीश कुमार के कहने पर स्वयं के बैंक खाते में राशि प्राप्त करता था तथा प्राप्त राशि में से 4 प्रतिशत कमीशन अपने पास रखकर शेष राशि रौनक उर्फ सतीश को दे देता था।
जांच एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर थाना परदेशीपुरा में अपराध क्रमांक 609/2026, धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
पुलिस द्वारा आरोपी दिव्यांश वर्मा के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बैंक खाते की पासबुक एवं एटीएम कार्ड जप्त किए गए। साथ ही आरोपी के नाम से संचालित अन्य 03 बैंक खातों की पासबुक, चेकबुक एवं डेबिट कार्ड भी जप्त किए गए हैं। प्रकरण में दिव्यांश वर्मा एवं रौनक उर्फ सतीश कुमार को गिरफ्तार किया गया है, जिनके विरुद्ध विवेचना के आधर पर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही और पूछताछ जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी-
- दिव्यांश वर्मा, उम्र 30 वर्ष, निवासी क्लर्क कॉलोनी, इंदौर।
- रौनक उर्फ सतीश कुमार लोकवानी, उम्र 43 वर्ष, निवासी सिल्वर ऑक्स कॉलोनी, अन्नपूर्णा, इंदौर।
जप्त सामग्री
– कुल 04 बैंक खातों से संबंधित पासबुक।
– चेकबुक एवं एटीएम/डेबिट कार्ड।
– प्रकरण में प्रयुक्त बैंक खाते से संबंधित दस्तावेज एवं सामग्री।-
पुलिस द्वारा प्रकरण में आगे की विवेचना की जा रही है। दोनों आरोपी पुलिस अभिरक्षा में हैं तथा उनसे पूछताछ जारी है।
सराहनीय भूमिका – उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी परदेशीपुरा निरीक्षक पंकज द्विवेदी , उपनिरीक्षक श्री दीपक जामोद, प्रधान आरक्षक श्री महेन्द्र चौधरी, आरक्षक श्री जैवेन्द्र गुर्जर, आरक्षक श्री पंकज पाटिल, आरक्षक श्री शशेन्द्र एवं आरक्षक श्री विनित (सायबर सेल, जोन-02 इंदौर) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


