▪️₹3 लाख में नाबालिग की सौदेबाजी कर फर्जी शादी कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश, मुख्य षड्यंत्रकर्ता सहित 04 आरोपी गिरफ्तार
▪️गरीबी का फायदा उठाकर कराया पहचान पत्र में फर्जीवाड़ा, और करवाई फर्जी शादी।
इंदौर – शहर में नाबालिग बालक/बालिकाओं के गुम होने व मानव दुर्व्यापर के प्रकरणों को प्राथमिकता से लेते हुए प्रभावी कार्यवाही के निर्देश पुलिस आयुक्त इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा दिए गए हैं। उक्त निर्देशों के अनुक्रम में पुलिस उपायुक्त जोन-03 श्री अभिषेक रंजन, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री ओमप्रकाश के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस आयुक्त हीरानगर श्रीमती रूबीना मिजवानी के नेतृत्व में थाना बाणगंगा पुलिस ने नाबालिग बालिका के अपहरण के प्रकरण की विवेचना करते हुए एक संगठित मानव तस्करी एवं फर्जी विवाह कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर, मुख्य षड्यंत्रकर्ता सहित 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
गरीबी और मजबूरी का उठाया फायदा, अमीर बनने का दिया लालच-
पुलिस थाना बाणगंगा में नाबालिग बालिका के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने तत्काल जांच प्रारंभ की। विवेचना के दौरान बालिका को सुरक्षित दस्तयाब किया गया। उसके बयान, दस्तावेजों एवं अन्य साक्ष्यों से एक सुनियोजित मानव तस्करी गिरोह का खुलासा हुआ।
जांच में सामने आया कि गिरोह के मुख्य षड्यंत्रकर्ता संजय उर्फ संजू यादव एवं रामविलास उर्फ राकेश यादव ने पीड़िता की आर्थिक स्थिति एवं पारिवारिक मजबूरी का लाभ उठाते हुए उसे शीघ्र धन कमाने तथा मकान खरीदने का लालच दिया। आरोपियों ने उसे विश्वास दिलाया कि शादी के बाद लाखों रुपये कमाए जाएंगे तथा उसमें से उसे भी हिस्सा देंगे।
आधार कार्ड में जन्मतिथि बदली, रिश्तेदार बनकर कराई फर्जी शादी-
साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने नाबालिग पीड़िता के आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलकर उसे बालिग दर्शाया। इसके बाद गिरोह के सदस्यों ने स्वयं को पीड़िता के माता, चाचा एवं अन्य रिश्तेदार बताकर विवाह की पूरी कहानी तैयार की।
आरोपियों ने दूल्हे संजु पाटीदार एवं उसके पिता नंदराम पाटीदार, निवासी जिला रतलाम को भी पीड़िता की उम्र संबंधी झूठी जानकारी देकर विवाह कराया तथा इस सौदे में लगभग ₹3 लाख का लेन-देन किया गया।
पुलिस की सख्ती व त्वरित कार्यवाही से घबराए आरोपी, वापस भेजी पीड़िता-
विवाह के बाद पीड़िता को वर पक्ष के घर भेज दिया गया। इसी बीच पीड़िता की मां द्वारा दर्ज कराई गई अपहरण की रिपोर्ट पर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य षड्यंत्रकर्ता संजू उर्फ संजय यादव से पूछताछ शुरू की।
पुलिस कार्यवाही से घबराकर आरोपियों ने पीड़िता को वापस इंदौर भेज दिया। इंदौर पहुंचने पर पीड़िता ने अपनी मां को पूरी घटना बताई और थाना पहुंचकर पूरे षड्यंत्र का खुलासा किया।
04 आरोपी गिरफ्तार, कई अन्य की तलाश जारी-
प्रकरण में अब तक निम्न आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है—
- संजू उर्फ संजय यादव, निवासी मुसाखेड़ी, इंदौर (मुख्य षड्यंत्रकर्ता)
- रामविलास उर्फ राकेश यादव, निवासी वृंदावन कॉलोनी, इंदौर
- संजु पाटीदार, निवासी बड़ावदा, जिला रतलाम (दूल्हा)
- नंदराम पाटीदार, निवासी बड़ावदा, जिला रतलाम (दूल्हे का पिता)
वहीं गिरोह के अन्य सदस्य सोनू बंजारा (महिला), किशोर चौहान, कच्छूलाल गुर्जर, लालसिंह गुर्जर एवं बाबू दादा की पुलिस द्वारा तलाश की जा रही है।
मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप इस प्रकरण की तकनीकी एवं साक्ष्य आधारित गहन विवेचना की जा रही है। प्रारंभिक जांच में गिरोह द्वारा अन्य नाबालिग बालिकाओं एवं युवतियों की भी फर्जी शादियां कराने की आशंका सामने आने पर जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है।
अन्य राज्यों तक फैले नेटवर्क की आशंका, जांच का दायरा बढ़ाया गया-
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। प्रारंभिक जांच से यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि गिरोह पूर्व में भी कई नाबालिग बालिकाओं एवं युवतियों की फर्जी शादियां कराकर मानव तस्करी कर चुका है।
पुलिस आरोपियों द्वारा अर्जित अवैध धनराशि, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, मानव तस्करी, नाबालिगों के शोषण तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों के संबंध में गहन जांच कर रही है।
पुलिस की त्वरित कार्यवाही से पीड़िता को संभावित शोषण का शिकार होने से पहले सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया और एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया गया।
पुलिस टीम उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी बाणगंगा निरीक्षक सियाराम गुर्जर, उपनिरीक्षक अंतरसिंह सोलंकी, उपनिरीक्षक अंजली श्रीवास्तव, उपनिरीक्षक शुभम पाण्डे, प्रधान आरक्षक कमलेश चावड़ा, प्रधान आरक्षक चरण सिंह, आरक्षक धर्मेन्द्र ओझा तथा आरक्षक सुखवेन्द्र की सराहनीय भूमिका रही।
👉इंदौर पुलिस की आमजन से अपील-
इंदौर पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि यदि कोई व्यक्ति नाबालिग बालिकाओं को विवाह, नौकरी, बेहतर भविष्य अथवा अधिक धन कमाने का लालच देकर बहलाने-फुसलाने का प्रयास करे तो उसकी सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाने को दें। समय पर दी गई सूचना किसी मासूम के साथ कोई अपराध होने, मानव तस्करी एवं शोषण का शिकार होने से बचा सकती है।





