- तकनीकी विश्लेषण और उत्कृष्ट पुलिसिंग के बेहतर समन्वय से थाना सेन्ट्रल कोतवाली पुलिस ने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाकर फरार आरोपी को धरदबोचा।
- इंदौर, उज्जैन भोपाल, नर्मदापुरम आदि शहरो के लगभग 400 से ज्यादा कैमरे खंगाल व फील्ड इंटेलिजेंस से पुलिस टीम पहुंची आरोपी तक।
इंदौर शहर में गंभीर अपराधों पर अंकुश लगाने हेतु इनमें संलिप्त आरोपियो के विरुद्ध त्वरित व प्रभावी कार्यवाही के निर्देश पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा दिए गए हैं। जिसके तारतम्य में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त इंदौर श्री मयंक अवस्थी एवं पुलिस उपायुक्त जोन-03 श्री अभिषेक रंजन द्वारा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-03 श्री ओमप्रकाश तथा सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली नगरीय इंदौर श्री विनोद कुमार दीक्षित को सेंट्रल कोतवाली क्षेत्र में हुए हत्याकांड में पतारसी कर कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया था।उक्त निर्देशों के अनुक्रम में थाना प्रभारी सेन्ट्रल कोतवाली द्वारा कार्यवाही कर हत्या के आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
घटना का विवरण: थाना सेंट्रल कोतवाली क्षेत्र में पिछले दिनों एक व्यक्ति का शव लहूलुहान हालत में मिला था। मृतक की पहचान महेश पिता चन्द्रशेखर मालवीय निवासी रामरतन शर्मा मार्ग इमाम बाग उज्जैन के रूप में हुई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 (1) के तहत हत्या का मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरु की गई।
उक्त घटना पर वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने जब संदिग्धों से पूछताछ की और साक्ष्य जुटाए, तो मामला शराब पीने के विवाद का निकला। संदिग्ध आरोपी और मृतक के बीच शराब पीने को लेकर तीखी बहस हुई थी। यह विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी ने गुस्से में आकर पास में रखी ईट मृतक के सर पर कई बार हमला किया एवं मृतक को मौत के घाट उतार दिया।
घटना में पतारसी हेतु पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल, इंदौर शहर एवं आरोपी के संबंधित स्थानों के लगभग 400 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण किया गया तथा करीब 30 संदिग्धों से पूछताछ की गई। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर संदिग्ध की पहचान आशीष उर्फ चन्दू रायसेन के रूप में हुई। फील्ड इंटेलिजेंस के आधार पर पुलिस टीमों का गठन कर इंदौर, भोपाल एवं उज्जैन में लगातार तलाश की गई। आरोपी द्वारा मोबाइल एवं सोशल मीडिया का उपयोग नहीं किए जाने के बावजूद तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र एवं सतत फील्ड इंटेलिजेंस के समन्वय से
आरोपी आशीष उर्फ चन्दू को गिरफ्तार किया गया। जिसने पूछताछ में हत्या करना स्वीकार किया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने शराब पीने के दौरान हुए विवाद में ईट से हमला कर हत्या करना स्वीकार किया है।
आरोपी एक शातिर एवं झगडालु प्रवृति का आदतन अपराधी है, पूर्व में भी इसके विरुद्ध मंडीदीप रायसेन में एवं जीआरपी उज्जैन तथा थाना बागसेवनीया, भोपाल में भी कई अपराध पंजीबद्ध है।
पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार किया गया है जिनके विरुद्ध विवेचना के आधार पर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
इस कार्यवाही के साथ इंदौर पुलिस ने एक बार फिर यह प्रदर्शित किया है कि आधुनिक तकनीक और पारंपरिक पुलिसिंग का प्रभावी समन्वय गंभीर अपराधों के त्वरित एवं सफल निराकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उक्त सराहनीय कार्य में सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली श्री विनोद कुमार दीक्षीत के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक रविन्द्र पारासर, उपनिरीक्षक अजय मार्को, पंकज बघेल, प्रआ 1480 लोभाना, प्र. आर. 3313 प्रदीप शर्मा, प्र.आर. 3302 लोकेश प्रजापत प्र, आर 3096 अमर राज, प्र.आर. 1040 राघवेन्द्र सिकरवार, आरक्षक 2964 संजीवघर, आरक्षक 3697 पंकज तिवारी, आर 3868 राहुल शुक्ला, महिला आर. 4892 सोम्या भदौरिया, 3847 पुष्पेंद्र यादव एवं सायबेल सेल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।






