- यातायात व्यवस्था से जुड़े नियमो व महत्वपूर्ण पहलुओ को जाना
- इंफोर्समेंट से जुड़े संसाधनो का प्रैक्टिकल के माध्यम से दिया प्रशिक्षण
आज दिनांक 29 दिसंबर 2025 को पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, मूसाखेड़ी इंदौर में बुनियादी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 986 महिला/पुरूष नव आरक्षकों को यातायात प्रबंधन की ट्रेनिंग के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (पीटीसी) श्री मति गीता चौहान, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात) श्री संतोष कुमार कौल, डीएसपी, पीटीसी सुश्री शैलजा पटवा, यातायात के थाना प्रभारी अरविंद दांगी, निरीक्षक बाबूलाल कुमरावत, निरीक्षक सूरज नागवंशी (पीटीसी) व यातायात पुलिस एवं पीटीसी की टीम मौजूद रही।
यातायात प्रबंधन पुलिस की टीम द्वारा प्रेक्टिकल के माध्यम से यातायात प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं जैसे इंजीनियरिंग, एजुकेशन, इंफोर्समेंट, इमरजेंसी केयर आदि की विस्तृत जानकारी साझा की।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सन्तोष कुमार कौल ने अपने उद्बोधन में नव आरक्षकों को यातायात प्रबंधन के दौरान आने वाली चुनौतियों और संयम, समन्वय, संवाद और संवेदनशीलता के द्वारा उन चुनौतियों से किस तरह सामना किया जाए संबंध में जानकारी दी। वीआईपी डयूटी व अन्य इंतजामो में यातायात व्यवस्था करने के दौरान ध्यान देने वाली बातें बताई गई।
यातायात के सूबेदार काजिम हुसैन रिजवी द्वारा यातायात प्रवर्तन में उपयोग संसाधनों उपकरण जैसे लाइट बेटन, ब्रीथ एनालाइजर मशीन, चालान बनाने की पीओएस मशीन कार्यप्रणाली, बॉडी वार्न कैमरा का उपयोग, ओवरस्पीड पर नियंत्रण के लिए इंटरसेप्टर वाहन का संचालन, आईटीएमएस सिस्टम, मोटरव्हिकल एक्ट प्रावधानों की जानकारी दी गयी।
यातायात एजुकेशन विंग के आरक्षक सुमंत सिंह द्वारा ट्रैफिक हैंड साईन प्रैक्टिकल कर यातायात संचालन के तरीकों का डेमो दिया गया और बताया कि किस तरह सिटी, हाथों के इशारे, चौकन्नी नजर, सुरक्षित डयूटी पोजिशन से ट्रैफिक नियंत्रित किया जा सकता है। ट्रैफिक अल्फाबेट्स और कम संसाधनों में बेहतर यातायात प्रबंधन के तरीके बताए।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पीटीसी) श्रीमति गीता चौहान ने सड़क हादसों की गम्भीरता से प्रशिक्षणार्थियों को रूबरू करवाया व उन्हें नियमो का पालन करने व करवाने की हिदायत भी दी गयी। उन्होंने बताया कि सभी प्रशिक्षणार्थी जल्द ही यातायात प्रबंधन पुलिस, महानगर इंदौर के साथ फील्ड में जाकर यातायात व्यवस्था संभालने में मदद और अनुभव भी प्राप्त करेंगे ताकि जब ये प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी पोस्टिंग यूनिट जाये तो वहां भी बेहतर यातायात व्यवस्था करें। सभी ने ट्रैफिक मैनेजमेंट ट्रैनिंग में रूची दिखाई और उन्होंने ने ट्रैफिक नियम एवं सड़क सुरक्षा के बारे में बहुत कुछ सीखा।





