• इन्दौर क्राइम ब्रांच ने FMCG व्यापार में निवेश के नाम पर की गई ठगी का पर्दाफाश करते हुए किया आरोपी गिरफ्तार।

 

  • आरोपी कोल्ड ड्रिंक का व्यापार करने मे दक्ष है । मार्केट में कोल्ड ड्रिंक जो करीब 4-6 माह के भीतर एक्सपायर होने वाली हो उनकी खरीददारी कम कीमत में कर अन्य व्यापारी या रिटेलर को अधिक कीमत में बेचने के कार्य में दक्षता हासिल है ।

 

इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में आर्थिक अपराध के विभिन्न प्रकरणों में संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर  द्वारा दिए गए हैं।    इसी अनुक्रम में क्राइम ब्रांच इंदौर पुलिस द्वारा ठगी के एक प्रकरण में आरोपी द्वारा FMCG व्यापार में अधिक लाभ दिलाने का प्रलोभन देकर कराये गए निवेश बाद उक्त राशि का उपयोग व्यक्तिगत खर्चों पर कर की गई ठगी में आरोपी को अग्रिम कार्यवाही करते गिरफ्तार किया गया।

 

विवरण- आरोपी द्वारा फरियादियों को शीतल पेय एवं FMCG व्यापार में अधिक लाभ का प्रलोभन देकर लगभग ₹27,00,000/- का निवेश करवाया गया तथा उक्त राशि का उपयोग व्यापार में न कर व्यक्तिगत खर्च एवं अन्य कार्यों में कर फरियादियों को आर्थिक हानि पहुँचाकर ठगी करना पाया गया।

  • फरियादी हरसिमरन सिंह , जयंत रिजवानी और श्रीमती रासिका प्रधान के साथ आरोपी ने पार्टनरशीप कर “फ्रेश लिंक इंटरप्राइजेस” नामक फर्म खुलवाकर निवेश किया था।
  • आरोपी ने अधिक लाभ का लालच देकर फरियादियों से लगभग ₹27 लाख रुपये निवेश करवाए।
  • जांच में पाया गया कि निवेश की गई राशि का उपयोग व्यापार में न कर आरोपी ने निजी खर्चों, कर्ज चुकाने और अन्य कार्यों में किया।
  • गोदाम में माल खराब और एक्सपायरी में मिला, जिससे व्यापार केवल दिखावे के लिए संचालित होना पाया गया।
  • बैंक खातों की जांच में निवेश की राशि आरोपी ने चालाकी से अपने व्यक्तिगत खाते में स्थानांतरित कर ठगी की ।
  • आरोपी ने शपथ पत्र में स्वयं स्वीकार किया कि उसने साझेदारों को गलत जानकारी दी और फर्म की राशि निजी कार्यों में खर्च की।
  • यह मामला निवेशकों के विश्वास का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी करने का है।

 

पुलिस कार्यवाही –  पुलिस द्वारा विस्तृत जांच के बाद आरोपी सत्यविंद चावला के विरुद्ध 318(4),316(5) BNS की धारा के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।

आरोपी को पुलिस टीम द्वारा अथक प्रयासों से गिरफ्तार किया गया है, जिनके विरुद्ध विवेचना के आधार पर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही और पूछताछ की जा रही हैं।

 

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