• फर्जी APK फाइल डाउनलोड करवाकर 06 आवेदकों से कुल ₹4,90,000/- की साइबर ठगी।

 

इंदौर क्राईम ब्रांच के द्वारा लगातार ऑनलाइन ठगी करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है इसी अनुक्रम में क्राईम ब्रांच इंदौर में विभिन्न शिकायतें प्राप्त हुई है जो निम्न है:–

 

  1. इंदौर निवासी महिला एडवोकेट सुशीला (परिवर्तित नाम) के मोबाइल पर अज्ञात साइबर ठग द्वारा WhatsApp के माध्यम से संपर्क किया गया। ठग ने मोबाइल अपडेट करने के नाम पर एक फर्जी लिंक भेजकर उसके माध्यम से APK फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा। आवेदिका द्वारा उक्त APK फाइल को डाउनलोड एवं इंस्टॉल करते ही मोबाइल हैक होकर बैंकिंग गतिविधियों का दुरुपयोग करते हुए ठग ने कुल ₹1,30,000/- की साइबर ठगी की गई।

 

  1. इंदौर निवासी प्राइवेट जॉब करने वाले आवेदक अजय (परिवर्तित नाम) को अज्ञात साइबर ठग द्वारा ट्रैफिक चालान के नाम पर APK फाइल भेजी गई। आवेदक द्वारा APK फाइल डाउनलोड एवं इंस्टॉल करते ही मोबाइल हैक होकर बैंकिंग गतिविधियों का दुरुपयोग करते हुए कुल ₹45,000/- की ठगी की गई।

 

  1. इंदौर निवासी प्राइवेट जॉब करने वाले आवेदक अजय (परिवर्तित नाम) को बैंक KYC अपडेट करने के नाम पर अज्ञात ठग द्वारा APK फाइल भेजी गई। आवेदक द्वारा APK फाइल डाउनलोड एवं इंस्टॉल करते ही मोबाइल हैक होकर बैंकिंग गतिविधियों का दुरुपयोग करते हुए कुल ₹90,000/- की राशि की साइबर ठगी की गई।

 

  1. इंदौर निवासी प्राइवेट जॉब करने वाले आवेदक सुरेंद्र (परिवर्तित नाम) को अज्ञात साइबर ठग द्वारा Teen Patti गेमिंग के नाम पर APK फाइल भेजी गई। आवेदक द्वारा उक्त APK फाइल डाउनलोड एवं इंस्टॉल करते ही मोबाइल हैक होकर बैंकिंग गतिविधियों का दुरुपयोग करते हुए कुल ₹95,000/- की साइबर ठगी की गई।

 

  1. इंदौर निवासी प्राइवेट जॉब करने वाले आवेदक माधुराम (परिवर्तित नाम) को अज्ञात साइबर ठग द्वारा बिलजी बिल भुगतान के नाम पर APK फाइल भेजी गई। आवेदक द्वारा बिजली बिल भरने हेतु APK फाइल डाउनलोड एवं इंस्टॉल करते ही मोबाइल हैक होकर बैंकिंग गतिविधियों का दुरुपयोग करते हुए कुल ₹1,02,000/- की साइबर ठगी की गई।

 

  1. इंदौर निवासी शू शॉप संचालित करने वाले आवेदक राजेंद्र (परिवर्तित नाम) को अज्ञात साइबर ठग द्वारा भजन संध्या का धार्मिक कार्यक्रम के नाम पर APK फाइल भेजी गई। आवेदक द्वारा जल्दबाजी में फर्जी भजन संध्या का धार्मिक कार्यक्रम की APK फाइल डाउनलोड एवं इंस्टॉल करते ही मोबाइल हैक होकर बैंकिंग गतिविधियों का दुरुपयोग करते हुए कुल ₹28,000/- की साइबर ठगी की गई।

 

 

सभी शिकायतों में पीड़ित आवेदकों द्वारा घटना की जानकारी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत प्राप्त होते ही क्राइम ब्रांच इंदौर की साइबर टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी गई राशि के ट्रांजेक्शन की जांच की गई तथा संबंधित बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों से समन्वय कर राशि को होल्ड/फ्रीज कराने के प्रयास किए गए।क्राइम ब्रांच इंदौर की त्वरित कार्रवाई एवं लगातार बैंकिंग संस्थानों से समन्वय के परिणामस्वरूप सभी पीड़ितों की ठगी गई कुल ₹4,90,000/- की संपूर्ण राशि वापस (Refund) कराई गई।

 

 

क्राईम ब्रांच इंदौर पुलिस की सायबर एडवाइजरी

 

– मोबाइल अपडेट, ट्रैफिक चालान, बैंक KYC, गेमिंग, बिजली बिल, धार्मिक कार्यक्रम अथवा अन्य किसी बहाने से WhatsApp/मैसेज पर प्राप्त किसी भी APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।

 

– किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें और अनजान स्रोत से प्राप्त एप्लीकेशन इंस्टॉल न करें।

 

– बैंक KYC अपडेट या ट्रैफिक चालान के नाम पर प्राप्त लिंक/मैसेज की सत्यता संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट/ऐप से ही जांचें।

 

– मोबाइल में APK इंस्टॉल करने से पहले उसके स्रोत की विश्वसनीयता अवश्य जांचें।

 

– बैंकिंग से संबंधित जानकारी, OTP, PIN, CVV अथवा पासवर्ड किसी से साझा न करें।

 

– साइबर ठगी होने पर बिना देरी किए तत्काल 1930 पर कॉल करें तथा NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

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