- इंदौर पुलिस द्वारा चार विद्यालयों में जागरूकता कार्यशालाओं का किया आयोजन, अधिकारियों ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर किया विभिन्न विषयों पर जागरूक।
इंदौर। पुलिस मुख्यालय भोपाल एवं स्कूल शिक्षा विभाग के समन्वय तथा UNFPA के तकनीकी सहयोग से प्रदेश में संचालित “सृजन संवाद योजना” का औपचारिक शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश डॉ. मोहन यादव द्वारा 14 जुलाई 2026 को भोपाल से किया गया था। योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामान्य कानून की जानकारी, उत्तरदायी नागरिकता, सुरक्षा बोध एवं न्याय तक पहुंच के संबंध में समझ विकसित करना तथा पुलिस और समुदाय के बीच विश्वास एवं संवाद को और अधिक मजबूत करना है।
इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह के दिशा-निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस आयु क्त (अपराध/मुख्यालय) श्री आर.के. सिंह के मार्गदर्शन में इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में “जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद” कार्यक्रम का शुभारंभ आज 10 अगस्त 2026 को शहर के चयनित चार विद्यालयों में जागरूकता कार्यशालाओं के आयोजन के साथ किया गया।
सामुदायिक पुलिसिंग के तहत इंदौर नगरीय की नोडल अधिकारी/अति पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) श्रीमती सीमा अलावा के निर्देशन में आयोजित उक्त कार्यक्रम के अंतर्गत, पुलिस टीमों द्वारा विद्यार्थियों को कानून, अधिकार एवं कर्तव्य, नागरिक दायित्व, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार, यातायात नियम, रोड सेफ्टी तथा नशे के दुष्प्रभावों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया जा रहा है।
इसी के तहत आज आयोजित कार्यक्रमों में –
👉 सांदीपनि महाराजा शिवाजीराव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चिमनबाग में पुलिस उपायुक्त जोन-03 श्री अभिषेक रंजन ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद करते हुए कानून एवं बाल सुरक्षा तथा साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त महिला सुरक्षा श्रीमती प्रियंका डुडवे, एसीपी श्रीमती रुबीना मिजवानी सहित पुलिस एवं शिक्षा विभाग की टीम ने मौलिक अधिकारों, संवैधानिक विषयों, विभिन्न कानूनी प्रावधान, सड़क सुरक्षा और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि कानून की जानकारी केवल अपराध से बचाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक व्यक्ति को अपने अधिकारों को समझने, कर्तव्यों का निर्वहन करने और जिम्मेदार नागरिक बनने में भी सक्षम बनाती है। विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की समस्या, अपराध अथवा असुरक्षित स्थिति का सामना होने पर घबराने के बजाय उचित माध्यम से पुलिस एवं संबंधित विभागों को सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया।
👉सांदीपनि अहिल्याश्रम क्रमांक-01 कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पॉलोग्राउंड में आयोजित कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-03 श्री ओमप्रकाश, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (अजाक) सुश्री संध्या राय, जिला शिक्षा अधिकारी श्री शौर्य मल्होत्रा, एसीपी (अजाक), सहित पुलिस एवं शिक्षा विभाग की टीम उपस्थित रही।
कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-03 श्री ओमप्रकाश ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन ठगी से बचाव तथा साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण उपायों के बारे में जानकारी दी।
वहीं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (अजाक) सुश्री संध्या राय ने विद्यार्थियों को संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य, संवैधानिक मूल्य, मानवाधिकार तथा महिला अपराधों से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए उन्हें अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहने के लिए प्रेरित किया।
👉 सांदीपनि हायर सेकेंडरी स्कूल, नंदानगर में थाना प्रभारी परदेशीपुरा निरीक्षक आर डी कानवा, उप निरीक्षक निधि मित्तल एवं व शिक्षा विभाग की टीम द्वारा विद्यार्थियों को कानून, सुरक्षा एवं जागरूक नागरिकता से जुड़े विषयों की जानकारी दी गई।
👉इसी प्रकार सांदीपनि शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मल्हार आश्रम में उप निरीक्षक शिवम ठक्कर एवं उप निरीक्षक मीना चौहान द्वारा विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें विभिन्न सुरक्षा एवं कानूनी विषयों के प्रति जागरूक किया गया।
चार विद्यालयों में प्रत्येक शनिवार होंगी जागरूकता कार्यशालाएं-
“जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद” कार्यक्रम के लिए इंदौर नगरीय क्षेत्र के चार विद्यालयों का चयन किया गया है
- सांदीपनि अहिल्याश्रम क्रमांक-01 हायर सेकेंडरी स्कूल, पॉलोग्राउंड इंदौर
- सांदीपनि हायर सेकेंडरी स्कूल, नंदानगर
- सांदीपनि महाराजा शिवाजीराव हायर सेकेंडरी स्कूल, चिमनबाग
- सांदीपनि शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मल्हार आश्रम इंदौर
इन विद्यालयों में प्रत्येक शनिवार जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों को पुलिस की कार्यप्रणाली एवं कानून-व्यवस्था से जुड़ी व्यवस्थाओं की व्यावहारिक जानकारी देने के उद्देश्य से पुलिस थानों एवं पुलिस कार्यालयों का भ्रमण भी कराया जाएगा।
कानून, साइबर सुरक्षा, नशा और रोड सेफ्टी—विभिन्न विषयों पर होगी जागरूकता-
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य, किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act), पॉक्सो अधिनियम, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार, सोशल मीडिया सुरक्षा, नशे के दुष्प्रभाव, यातायात नियम एवं रोड सेफ्टी जैसे विषयों पर जागरूक किया जाएगा।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल स्वयं सुरक्षित एवं जागरूक बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, बल्कि उन्हें अपने परिवार, मित्रों एवं समाज में भी कानून, साइबर सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा जिम्मेदार नागरिकता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इस पहल के माध्यम से पुलिस का प्रयास है कि युवा पीढ़ी कानून को केवल नियम के रूप में नहीं, बल्कि अपने अधिकारों की सुरक्षा और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के आधार के रूप में समझे और एक सजग, जिम्मेदार एवं कानून के प्रति संवेदनशील नागरिक के रूप में राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।


