- साइबर अपराधों में लिप्त आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर, आरोपियो के विरूद्ध की जा रही है कार्यवाही।
- प्रारंभिक विवेचना में 06 बैंक खातों में कथित धोखाधड़ी की राशि के रूप में लगभग ₹1 करोड़ के लेनदेन का हुआ खुलासा।
- कार्रवाई में 20 सिम, 17 मोबाइल फोन, 01 लैपटॉप, 03 CPU, 01 हार्ड डिस्क सहित अन्य दस्तावेज एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त।
इंदौर- साइबर अपराधों की रोकथाम हेतु प्रभावी कार्यवाही के पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह के निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री मयंक अवस्थी व पुलिस उपायुक्त जोन-02 श्री अमन सिंह राठौड़ द्वारा दिए निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-02 श्री अमरेन्द्र सिंह तथा सहायक पुलिस आयुक्त विजय नगर श्री पराग सैनी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी विजय नगर श्री चंद्रकांत पटेल व उनकी टीम द्वारा ऑपरेशन MATRIX 2.0 के तहत प्रभावी कार्यवाही करते हुए मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड में प्रयुक्त संदिग्ध म्यूल बैंक खाते का खुलासा कर 11 आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही की गई है।
साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने हेतु की जा रही कार्यवाही के दौरान पुलिस टीम को दिनांक 26 अक्टूबर 2026 को म्यूल बैंक खातों के संबंध में मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर विजय नगर पुलिस ने दिलीप पाण्डे से पूछताछ की गई। जिससे प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस टीम प्रिंसेस स्काई बिजनेस पार्क स्थित द रैपिड इन्वेस्टर्स कंपनी के कार्यालय पहुँचकर, कंपनी संचालक शुभम शर्मा से पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान पता चला कि आरोपियो द्वारा ग्राहकों से कॉलिंग के माध्यम से संपर्क कर उनसे राशि प्राप्त की जाती थी। यह राशि कंपनी के खातों तथा दिलीप पाण्डे के माध्यम से उपलब्ध कराए गए कथित म्यूल बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। कर्मचारियों को प्राप्त राशि के अनुसार हिस्सा दिए जाने की बात भी सामने आई है। इन तथ्यों एवं संबंधित बैंक लेनदेन का सत्यापन विवेचना के दौरान किया जाएगा। पुलिस थाना विजय नगर में अपराध क्रमांक 1013/2026, धारा 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत 11 आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
आरोपियों के नाम –
- दिलीप पाण्डे
- शुभम शर्मा
- एहमद राजा शेख
- भरत भूषण कुशवाह
- नरेश यादव
- विजेन्द्र सिंह
- अमित मणी
- रमनदीप सिंह भाटिया
- नरेन्द्र पाटीदार
- अमित चौरसिया
- योगेश पटेल
पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही के दौरान अपराध में उपयोग किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एवं अन्य सामग्री जब्त की गई, जिनमें- 20 सिम कार्ड, 17 मोबाइल फोन, 01 लैपटॉप, 03 CPU, 01 हार्ड डिस्क, अन्य दस्तावेज एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बैंक खातों एवं लेनदेन की जांच की जा रही है। प्रारंभिक विवेचना में अब तक कुल 06 बैंक खाते सामने आए हैं। इन खातों में कथित धोखाधड़ी की राशि प्राप्त होने के संबंध में लगभग ₹1 करोड़ के लेनदेन की जानकारी मिली है।
बैंक खातों के वास्तविक खाताधारकों, उनके संचालन, राशि के स्रोत तथा आगे किए गए हस्तांतरण की भूमिका का परीक्षण किया जा रहा है। बैंक रिकॉर्ड एवं अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद वास्तविक लेनदेन, प्रभावित व्यक्तियों तथा कथित धोखाधड़ी की राशि का निर्धारण किया जाएगा।
पुलिस का सख्त संदेश
म्यूल बैंक खातों के माध्यम से ठगी की राशि प्राप्त करने, हस्तांतरित करने अथवा अपराधियों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने में संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जाएगी। कमीशन या आसान कमाई के लालच में अपना बैंक खाता उपलब्ध कराने वालों के विरुद्ध भी उपलब्ध साक्ष्यों एवं उनकी भूमिका के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
आमजन से अपील
इंदौर पुलिस आमजन से अपील करती है कि अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, चेकबुक, इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी अथवा OTP किसी अन्य व्यक्ति को कमीशन या किराये पर उपयोग के लिए न दें। किसी अनजान स्रोत से खाते में आई राशि को बिना सत्यापन आगे ट्रांसफर न करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
“आपका खाता, आपकी सतर्कता—ठगों के लिए पैसों का रास्ता न बनने दें।”


