▪️*महाराष्ट्र एवं पश्चिम बंगाल में दर्ज साइबर फ्रॉड प्रकरणों में ₹84.58 लाख से अधिक की धोखाधड़ी का हुआ खुलासा*

 

           ▪️     I4C (Indian Cyber Coordination Centre), गृह मंत्रालय, भारत सरकार से प्राप्त संदिग्ध POS धारकों/एजेंटों एवं FAKE SIM USERS की सूची के आधार पर क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा की कार्यवाही।

 

           ▪️     राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय भोपाल से प्राप्त सूची की तस्दीक के दौरान 04 संदिग्ध मोबाइल नंबरों एवं सिम उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क का हुआ खुलासा।

 

▪️उक्त संबंधित संदिग्ध सिम नंबरों से महाराष्ट्र एवं पश्चिम बंगाल में दर्ज NCRP शिकायतों में कुल ₹84,58,499/- की साइबर धोखाधड़ी हुई है।

 

▪️   गिरफ्तार आरोपियों से सिम कार्ड, दस्तावेज एवं अन्य महत्वपूर्ण सामग्री व  नेटवर्क के संबंध में पूछताछ एवं जांच जारी।

 

इंदौर शहर में साइबर अपराधों की रोकथाम तथा साइबर अपराधों में प्रयुक्त फर्जी/संदिग्ध सिम कार्ड एवं उन्हें उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही के निर्देश पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर द्वारा दिए गए हैं। उक्त निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध), पुलिस उपायुक्त (अपराध) एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (अपराध) के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है।

 

इसी क्रम में I4C (Indian Cyber Coordination Centre), गृह मंत्रालय, भारत सरकार से प्राप्त संदिग्ध POS (Point of Sale) धारकों/एजेंटों, FAKE SIM USERS एवं संबंधित अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही हेतु प्राप्त निर्देशों के तहत OPERATION FAST-2.0 (Forged-Activated-Sim-Termination) के अंतर्गत प्रभावी कार्यवाही की गई।

 

राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा प्रदाय की गई सूची की तस्दीक करते हुए क्राइम ब्रांच टीम द्वारा RAUT COLLECTION, यशवंत निवास रोड, मालवा मिल के पास, इंदौर की जांच की गई। जांच के दौरान दुकान संचालक राजेन्द्र राऊत  निवासी स्वर्ण बाग कॉलोनी, विजय नगर, इंदौर की भूमिका संदिग्ध पाई गई।

 

जांच के दौरान उक्त दुकान से संबंधित कुल 04 संदिग्ध मोबाइल नंबर चिन्हित किए गए। उक्त संदिग्ध मोबाइल नंबरों से संबंधित सिम के उपयोग एवं उपलब्ध कराए जाने की दिशा में जांच करने पर अन्य आरोपियों की संलिप्तता भी सामने आई, जिन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया।

 

गिरफ्तार आरोपी-

  1. राजेन्द्र राऊत  निवासी स्वर्ण बाग कॉलोनी, विजय नगर, इंदौर।

 

  1. आनंद वासरे  निवासी मालवा मिल, गोमा की फेल, इंदौर।

 

  1. सूरज सिंह निवासी पाटनीपुरा, नरसिंह की चाल, इंदौर।

 

जांच में हुआ, साइबर फ्रॉड से जुड़ा महत्वपूर्ण खुलासा

 

अग्रिम जांच एवं उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पाया गया कि चिन्हित 04 संदिग्ध मोबाइल नंबरों से संबंधित सिम कार्ड का उपयोग साइबर अपराधों में किया गया है। उक्त संदिग्ध मोबाइल नंबरों से संबंधित जानकारी का NCRP Portal पर उपलब्ध शिकायतों से मिलान करने पर महाराष्ट्र एवं पश्चिम बंगाल में दर्ज साइबर फ्रॉड शिकायतों में कुल ₹84,58,499/- (चौरासी लाख अट्ठावन हजार चार सौ निन्यानवे रुपये) की धोखाधड़ी होना पाया गया।

 

क्राइम ब्रांच द्वारा उक्त सिम कार्ड के जारी होने, उपयोग, संबंधित व्यक्तियों तथा साइबर फ्रॉड में इनके इस्तेमाल की कड़ियों की विस्तृत जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर सिम उपलब्ध कराने वाले अन्य व्यक्तियों, साइबर फ्रॉड नेटवर्क तथा संबंधित बैंक खातों एवं वित्तीय लेन-देन के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

 

महाराष्ट्र एवं पश्चिम बंगाल में दर्ज संबंधित साइबर फ्रॉड शिकायतों के संबंध में संबंधित पुलिस इकाइयों से समन्वय स्थापित कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही  है।

 

👉क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा OPERATION FAST-2.0 के तहत फर्जी दस्तावेजों से सिम प्राप्त करने, संदिग्ध व्यक्तियों को सिम उपलब्ध कराने तथा साइबर अपराधों में सिम कार्ड का दुरुपयोग करने वाले नेटवर्क के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी है।

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