• क्राइम ब्रांच इंदौर में प्राप्त शिकायत में आरोपियों के द्वारा कूटरचित दस्तावेज तैयार कर किसी अन्य व्यक्ति के प्लॉट को स्वयं का बताकर फरियादी से 11,71,000/–  रुपए प्राप्त कर की थी धोखाधड़ी ।
  • फरियादी के द्वारा आरोपी से पैसे वापस मांगने पर आरोपी देते थे “जान से मरने की धमकी” और नही लौटते थे पैसे वापस।
  • पूछताछ में आरोपियों के द्वारा अपने ऑफिस का स्थान बदल बदलकर कई लोगो के साथ इसी तरह प्रॉपर्टी मालिक बनाकर एग्रेंट करते हुए लाखो रुपए प्राप्त कर ठगी करना किया स्वीकार।
  • क्राइम ब्रांच इंदौर में प्राप्त शिकायत पर जांच कर थाना कनाडिया में धोखाधडी सहित अन्य धाराओं में किया गया पंजीबद्ध अपराध ।

इंदौर – दिनांक 22 सितंबर 2022- श्रीमान पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री हरिनारायणचारी मिश्र व्दारा इंदौर शहर में लोगों से छलकपट कर अवैध लाभ अर्जित करते हुये आर्थिक ठगी करने वाले अपराधियों पर प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। उक्त निर्देशों के अनुक्रम में श्रीमान अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) श्री राजेश हिंगणकर के मार्गदर्शन में पुलिस उपायुक्त (क्राइम ब्रांच) श्री निमिष अग्रवाल एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (क्राइम ब्रांच) श्री गुरू प्रसाद पाराशर द्वारा आर्थिक ठगी एवं सोशल मीडिया संबंधी अपराधो की रोकथाम हेतु क्राइम ब्रांच फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन टीमों को लगाया गया है  ।

                इसी अनुक्रम में कार्यालय अपराध शाखा में फरियादी ने शिकायत की थी कि, इंदौर के कनाडिया क्षेत्र की काउंटीवॉक कॉलोनी, ग्राम झलारिया में तीन व्यक्तियों के द्वारा किसी और व्यक्ति के  प्लॉट को स्वयं का बताकर 11 लाख 71 हजार रुपए प्राप्त कर धोखाधड़ी करने की हैं।  प्राप्त शिकायत की जांच फ्रॉड इंन्वेस्टीगेशन सेल टीम द्वारा कराई गई ।

                शिकायत में जॉच करते हुए पाया गया कि फरयादी से आरोपी (1). राजकुमार नेहलानी ने संपर्क कर अपने साथी आरोपी (2). महेंद्र सिंह जो प्रॉपर्टी का काम करते है से मिलवाया और दोनो आरोपी के द्वारा झूठ बोलकर काउंटीवॉक ग्राम झलारिया में भूखंड क्रमांक डी–52 न. का 3532 वर्गफीट प्लॉट  को अपने तीसरे साथी आरोपी (3) राकेश माथुर का होना बताते हुए एवं आरोपियों के द्वारा उक्त भूखंड के फर्जी दस्तावेज एवं एग्रीमेंट बनाकर फरायदी को झूठे विश्वास में लेते हुए, 50 लाख 33 हजार रुपए में उक्त प्लॉट का सौदा तय कर,  बुकिंग एवं अन्य प्रोसेस के नाम से फरियादी से 11 लाख 71,000 रुपए प्राप्त कर धोखाधड़ी की गई।

                पुलिस के द्वारा आरोपियों से पूछताछ करने पर आरोपियों के द्वारा उक्त भूखंड किसी अन्य राकेश नाम के व्यक्ति का होना बताया जिसे ठग गैंग के आरोपी राकेश माथुर ने अपना बताकर तीनों आरोपियों ने फरियादी को बेचने की योजना बनाकर धोखाधड़ी करना स्वीकारा साथ ही जब फरियादी के द्वारा रजिस्ट्री नहीं होने से पैसो मांग की गई तो बिना अमाउंट वाले बैंक खाते के चेक दिए जो की बाउंस हो जाते थे। और उसके बाद भी फरियादी के द्वारा पैसे की मांग की गई तो आरोपियों के द्वारा फरियादी को “जान से मरने की धमकी” देते हुए पैसे नही लौटाकर धोखाधडी की गई।

                आरोपियों के द्वारा किसी अन्य व्यक्ति की प्रॉपर्टी का फर्जी मालिक बताते हुए, कई लोगो के साथ एग्रीमेंट कर उनसे लाखो रुपए प्राप्त करने के संबंध में भी शिकायते क्राइम ब्रांच इंदौर में प्राप्त हुई है जिसकी जांच कर कार्यवाही की जाना है।

                क्राइम ब्रांच इंदौर की जांच पर तीनों आरोपीयो के विरुद्ध थाना कनाडिया में अपराध धारा 420, 467, 468, 471, 406, 34, 120बी, 506 भादवी का अपराध पंजीबद्ध कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।