- क्राइम ब्रांच इंदौर ने त्वरित कार्यवाही कर, आवेदक की ठगी गई राशि ₹50,000/- करवाई रिफंड।
इंदौर। आवेदक मनोज(परिवर्तित नाम) द्वारा अपने नए Axis Bank क्रेडिट कार्ड को एक्टिवेट कराने के लिए गूगल पर संबंधित जानकारी/कस्टमर केयर नंबर सर्च किया गया। सर्च के दौरान प्राप्त एक अज्ञात मोबाइल नंबर पर आवेदक द्वारा संपर्क किया गया।
कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को Axis Bank के क्रेडिट कार्ड विभाग का कर्मचारी बताते हुए क्रेडिट कार्ड एक्टिवेशन की प्रक्रिया पूरी कराने का झांसा दिया। आरोपी द्वारा आवेदक को अपनी बातों में उलझाकर ऑनलाइन प्रक्रिया के नाम पर आवश्यक जानकारी/प्रक्रिया पूरी कराई गई, जिसके बाद आवेदक के बैंक खाते से कुल ₹50,000/- की राशि साइबर ठगी के माध्यम से निकाल ली गई।
घटना की जानकारी होने पर आवेदक द्वारा तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत प्राप्त होने पर क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक से संपर्क कर ठगी गई राशि को होल्ड एवं संबंधित विभिन्न राज्यों के बैंक खाते फ्रीज करते हुए आवेदक की ₹50,000/- की संपूर्ण ठगी गई राशि सकुशल रिफंड कराई गई।
क्राईम ब्रांच इंदौर पुलिस साइबर एडवाइजरी
- Google पर दिखने वाला हर Customer Care नंबर असली नहीं होता। बैंक का नंबर हमेशा आधिकारिक वेबसाइट/ऐप से ही प्राप्त करें।
- Credit Card Activation के नाम पर आने वाले अनजान कॉल से सावधान रहें।
- बैंक कर्मचारी बनकर कोई OTP, CVV, PIN या कार्ड की पूरी जानकारी मांगे तो तुरंत कॉल काट दें।
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर Screen Sharing, Remote Access App या संदिग्ध लिंक का उपयोग न करें।
- साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें और NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।


