🔸नशे से दूरी है जरूरी अभियान से जुड़कर, 45 युवाओं ने लिया नशा छोड़ने का संकल्प।
इन्दौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा चलाये जा रहे नशे से दुरी अभियान के तहत दिनांक 18.07.2026
को नशे के आदी व्यक्तियो एवं परिवार वालो को नशा मुक्ति पुनर्वास केन्द्रो की जानकारी व सुझाव देने के साथ ही शपथ दिलवाने सामाजिक न्याय विभाग के सहयोग से नशे मे लिप्त व्यक्तियो को परामर्श एवं चिकित्सीय सहायता उपलब्ध करवाने हेतु एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृति पर अंकुश लगाने हेतु पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह के निर्देशन में नगरीय पुलिस इंदौर के जोन-3 द्वारा विगत वर्ष से नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान “वर्दी से जागी नई उम्मीद” के तहत आज एक महत्वपूर्ण काउंसलिंग सत्र आयोजित किया गया। इस अभिनव पहल में नशे से दूरी है जरूरी अभियान से जुड़कर क्षेत्र के 45 नशे से पीड़ित बालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और भविष्य में नशे से दूर रहने का दृढ़ संकल्प लिया।
कार्यक्रम के मुख्य पहलूः
कार्यक्रम की अध्यक्षता अति. पुलिस उपायुक्त (जोन-3) श्री ओमप्रकाश ने की । इस दौरान सहायक पुलिस आयुक्त संयोगितागंज श्रीमती नीति राजेश दण्डोतिया एवं थाना प्रभारी संयोगितागंज श्री के पी सिंह यादव, थाना प्रभारी पलासिया श्री सुरेन्द्र रघुवंशी, आई सी छोटीग्वालटोली उनि सत्यजीत सिंह चौहान सहित काउंसलिंग समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
युवाओं से सीधा संवादः अधिकारियों ने कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं से व्यक्तिगत चर्चा की। युवाओं ने स्वीकार किया कि वे नशे की गिरफ्त में थे, लेकिन पुलिस के इस सकारात्मक व्यवहार और सहयोग से अब वे सामान्य जीवन की ओर लौटना चाहते हैं।
शिक्षा को प्रोत्साहनः
पुलिस अधिकारियों द्वारा शिक्षा के प्रति रुचि दिखाने वाले बच्चों को शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। उन्हें प्रतिदिन काउंसलिंग के माध्यम से अच्छे कार्यों के प्रति जागरूक कियाजा रहा है।
काउंसलिंग के निष्कर्षः
सत्र के दौरान विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों ने पाया कि युवाओं में नशे की लत के पीछे कुछ प्रमुख कारण उत्तरदायी हैं:-
- परिजनों द्वारा स्वयं नशा करना।
- परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होना।
- गलत मित्रों की संगति।
- सामाजिक परिवेश का नकारात्मक प्रभाव।
निशुल्क चिकित्सीय उपचार:
इंदौर पुलिस केवल काउंसलिंग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के इच्छुक युवाओं के लिए मनोरोग विशेषज्ञों के माध्यम से “निशुल्क चिकित्सीय उपचार” भी उपलब्ध करा रही है, ताकि वे शारीरिक और मानसिक रूप से नशे के जाल से बाहर निकल सकें।
“हमारा उद्देश्य केवल अपराधियों को पकड़ना नहीं, बल्कि भटके हुए युवाओं को सही दिशा दिखाना है। ‘वर्दी से जागी नई उम्मीद’ इसी दिशा में एक मानवीय प्रयास है।”






