★ साइबर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई एवं त्वरित राहत के लिए बैंक-पुलिस समन्वय को किया जाएगा और मजबूत
इंदौर- साइबर अपराधों के जागरूकता अभियान safe click के तहत इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा किये जा रहे कार्यक्रमों के तहत, साइबर वित्तीय अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज दिनांक 03 जुलाई 2026 को रीगल चौराहा स्थित मीटिंग हॉल में विभिन्न राष्ट्रीयकृत, ग्रामीण एवं निजी बैंकों के नोडल अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में पुलिस उपायुक्त (अपराध) श्री राजेश त्रिपाठी, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्रीमती मीना चौहान एवं सहायक पुलिस आयुक्त श्रीमती नीलम कनोज की उपस्थिति में अपराध शाखा की नोडल टीम एवं विभिन्न बैंकों के अधिकारी शामिल हुए।
बैठक के प्रमुख बिंदु
* साइबर अपराधों की विवेचना में बैंकों से आवश्यक जानकारी समयबद्ध उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
* NCRP पोर्टल पर बैंकों की सक्रिय भूमिका बढ़ाने एवं शिकायतों के त्वरित निराकरण पर चर्चा की गई।
* न्यायालयीन आदेशों का शीघ्र पालन कर पीड़ितों को होल्ड राशि का जल्द रिफंड सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
* MRM (Money Restoration Module) एवं GRM (Grievance Redressal Mechanism) पोर्टलों की कार्यप्रणाली से बैंक अधिकारियों को अवगत कराते हुए इनके प्रभावी उपयोग पर बल दिया गया।
* बैंकों को साइबर जागरूकता अभियान चलाने तथा संदिग्ध/म्यूल खातों की प्रभावी जांच एवं सत्यापन व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
इंदौर पुलिस की आमजन से अपील
यदि आप किसी भी प्रकार के ऑनलाइन वित्तीय फ्रॉड या साइबर अपराध का शिकार होते हैं, तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। समय पर शिकायत मिलने पर पुलिस एवं बैंक अपराधियों के खाते एवं मोबाइल नंबर शीघ्र फ्रीज/ब्लॉक कर आपकी राशि सुरक्षित वापस दिलाने की कार्रवाई प्रभावी रूप से कर सकते हैं।
इंदौर पुलिस का ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान साइबर अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई एवं आमजन को त्वरित राहत दिलाने की दिशा में निरंतर कार्यरत है।





