- आमजन की सुनवाई, अपराध नियंत्रण, सामुदायिक पुलिसिंग एवं साइबर अपराधों की रोकथाम पर विशेष जोर देकर, दिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
- “रिएक्टिव नहीं, प्रिवेंटिव पुलिसिंग हमारी प्राथमिकता” का दिया संदेश।
इंदौर। शहर में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने, बीट स्तर की पुलिसिंग को और अधिक सुदृढ़ एवं जवाबदेह बनाने तथा आमजन को बेहतर पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा आज दिनांक 22 जून 2026 को कार्यालय सभागार में जोन-02 के थाना लसूडिया क्षेत्र के बीट प्रभारियों की विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) श्री मयंक अवस्थी, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-02 श्री अमरेन्द्र सिंह, सहायक पुलिस आयुक्त श्रीमती अपूर्वा किलेदार, सहायक पुलिस आयुक्त विजय नगर श्री पराग सैनी, थाना प्रभारी लसूडिया श्री राजकुमार यादव सहित थाना क्षेत्र के सभी बीट प्रभारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान पुलिस आयुक्त द्वारा थाना लसूडिया क्षेत्र में 01 जनवरी से 15 जून तक विगत तीन वर्षों के अपराधों की तुलनात्मक समीक्षा की गई तथा अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था एवं जनसंतुष्टि के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह ने कहा कि बीट प्रभारी ही पुलिस और जनता के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनकी सक्रियता, संवेदनशीलता एवं क्षेत्र में सतत उपस्थिति से न केवल अपराधों पर नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है, बल्कि आमजन में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना भी मजबूत होती है।
उन्होंने निर्देशित किया कि-
- प्रत्येक बीट में नियमित भ्रमण एवं माइक्रो बीट पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा क्षेत्र की प्रत्येक गतिविधि पर सतत निगरानी रखी जाए।
* थाना स्तर पर उपलब्ध संसाधनों की नियमित समीक्षा करते हुए उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित की जाए।
* थानों में आने वाले प्रत्येक फरियादी एवं आगंतुक की शिकायत को गंभीरता एवं संवेदनशीलता से सुना जाए तथा उनके साथ सम्मानजनक, सौम्य एवं सकारात्मक व्यवहार किया जाए।
* किसी भी शिकायत या अपराध की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए तथा प्रकरण दर्ज करने में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी या लापरवाही नहीं बरती जाए।
* अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए आदतन एवं सूचीबद्ध अपराधियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों को प्राथमिकता देने तथा निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
* वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए थाना स्तर साइबर डेस्क का संचालन कर साइबर अपराधों से संबंधित शिकायतों के त्वरित निराकरण तथा आमजन को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया।
* क्षेत्र में कानून व्यवस्था से जुड़े आयोजनों, सार्वजनिक गतिविधियों एवं संवेदनशील विषयों पर निरंतर निगरानी रखी जाए।
* सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक बीट स्तर पर नियमित मोहल्ला समिति बैठकों के आयोजन तथा नागरिकों के साथ सतत संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
- क्षेत्र में स्थित टाउनशिप, कॉलोनियों एवं आवासीय परिसरों में रहवासी समितियों के साथ बैठकें आयोजित कर सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा गार्ड एवं स्वयंसेवी सुरक्षा व्यवस्था को प्रोत्साहित करने हेतु भी कहा गया।
* पुलिस आयुक्त ने एसीपी एवं एडिशनल डीसीपी को बीट प्रभारियों एवं थाना स्टाफ की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा करने, उनकी दक्षता बढ़ाने तथा आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल संसाधनों के अधिकतम उपयोग हेतु निरंतर प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बाउंड ओवर अथवा सूचीबद्ध अपराधियों द्वारा अपराध कारित होना, अपराध पंजीयन में अकारण विलंब अथवा फरियादियों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
अंत में पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संदेश देते हुए कहा कि “हमें केवल घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने वाली नहीं, बल्कि अपराधों को पहले ही रोकने वाली प्रिवेंटिव पुलिसिंग की दिशा में कार्य करना है।” उन्होंने सभी को टीम भावना के साथ कार्य करते हुए आमजन की सुरक्षा, सुविधा एवं विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया।






