• पुलिस के अभिनव प्रयास से से 32 युवाओं ने लिया नशा छोड़ने का संकल्प

 

  • युवाओं में नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधिकारियों ने नाबालिग बालको व उनके परिजनों से संवाद कर, बताएं नशे के दुष्परिणाम।

 

इंदौर नगरीय पुलिस द्वारा बालक एवं युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर करने तथा उन्हें एक सकारात्मक दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह के निर्देशन में,  “नई उम्मीद” अभियान के तहत अभिनव प्रयास किये जा रहे हैं।

 

इसी कड़ी में नगरीय पुलिस इंदौर के जोन-3 द्वारा नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान “नई उम्मीद” के तहत आज एक महत्वपूर्ण काउंसलिंग सत्र आयोजित किया गया। इस अभिनव पहल के 21वें सत्र में क्षेत्र के 32 नशे से पीड़ित बालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और भविष्य में नशे से दूर रहने का दृढ़ संकल्प लिया।

 

                कार्यक्रम की रूपरेखा एवं क्रियान्वयन- कार्यक्रम अति उपायुक्त (जोन-3) श्री रामसनेही मिश्रा के मार्गदर्शन के साथ प्रारम्भ हुआ जिसमे सहायक पुलिस आयुक्त (हीरा नगर) श्रीमती रुबीना मिजवानी एवं थाना प्रभारी  हीरानगर श्री सुशील पटेल सहित काउंसलिंग समिति के सदस्य डॉ. पीयूष द्विवेदी ओर साथी डाक्टर ने उपस्थित रहकर, क्षेत्र के ऐसे बालक एवं युवा, जो नशे की ओर अग्रसर हैं, तथा उनके परिजनों को भी कार्यक्रम में शामिल किया गया।

 

युवाओं से सीधा संवाद: अधिकारियों ने कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं से व्यक्तिगत चर्चा की। युवाओं ने स्वीकार किया कि वे नशे की गिरफ्त में थे, लेकिन पुलिस के इस सकारात्मक व्यवहार और सहयोग से अब वे सामान्य जीवन की ओर लौटना चाहते हैं।

 

                शिक्षा को प्रोत्साहन: हीरानगर थाने द्वारा शिक्षा के प्रति रुचि दिखाने वाले बच्चों को शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। उन्हें प्रतिदिन काउंसलिंग के माध्यम से अच्छे कार्यों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

 

                काउंसलिंग के निष्कर्ष: सत्र के दौरान विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों ने पाया कि युवाओं में नशे की लत के पीछे कुछ प्रमुख कारण उत्तरदायी हैं:

  1. परिजनों द्वारा स्वयं नशा करना।
  2. परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होना।
  3. गलत मित्रों की संगति।
  4. आसपास के सामाजिक परिवेश का नकारात्मक प्रभाव।

 

निशुल्क उपचार की व्यवस्था:

इंदौर पुलिस केवल काउंसलिंग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के इच्छुक युवाओं के लिए मनोरोग विशेषज्ञों के माध्यम से “निशुल्क चिकित्सीय परामर्श” भी उपलब्ध करा रही है, ताकि वे शारीरिक और मानसिक रूप से नशे के जाल से बाहर निकल सकें।

 

पुलिस का संदेश-   “हमारा उद्देश्य केवल अपराधियों को पकड़ना नहीं, बल्कि भटके हुए युवाओं को सही दिशा दिखाना है। नई उम्मीद इसी दिशा में एक मानवीय प्रयास है।”

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