★ महिलाओं के हितों के लिये सामाजिक रूप से सक्रिय महिलाओं ने जाने, महिला अपराधों से जुड़े विभिन्न प्रावधान तथा हुए उनके लिए शासन की विभिन्न योजनाओं व सुरक्षा हेतु संचालित हेल्पलाइन से रूबरू।
इन्दौर- महिला अपराधों व उनकी सुरक्षा तथा उनके बेहतर संरक्षण के उद्देश्य से शासन द्वारा विभिन्न कानूनी प्रावधान एवं संचालित योजनाओं के प्रति जनजागरूकता लाने के उद्देश्य से, पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह के मार्गदर्शन में इन्दौर पुलिस द्वारा महिला अपराधों की रोकथाम एवं संरक्षण तथा इससे संबंधित जागरूकता लाने हेतु समय-समय पर कार्यशाला व अन्य विभिन्न कार्यक्रम आदि का आयोजन किया जा रहा है। इसी अनुक्रम में आज दिनांक 20.02.26 को शहर में कमजोर वर्ग के क्षेत्रों में सामाजिक रूप से सक्रिंय महिलाओं के लिये एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन पुलिस कमिश्नर कार्यालय में किया गया।
उक्त कार्यशाला मे अति. पुलिस आयुक्त (अपराध/मुख्यालय) नगरीय इंदौर श्री आर.के. सिंह की विशेष उपस्थिति में, अति. पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा शाखा) सुश्री संध्या राय, महिला बाल विकास विभाग के श्री महेन्द्र पाठक, सीडीपीओं महिला बाल विकास विभाग श्रीमती मधुमति, सावित्री बाई फुले संस्थान की श्रीमती सौम्या सिंह बघेल, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी व आरंभ एनजीओं की श्रीमती भक्ति चंदेल सहित शहर में महिलाओं के प्रति सामाजिक रूप से सक्रिंय शोर्य दल, सेवा दल तथा शहर के बाणगंगा, खजराना, विजय नगर, भागीरथपुरा, आजाद नगर आदि विभिन्न क्षेत्रों में कमजोर वर्गो में सामाजिक रूप से सक्रिय महिलाएं सम्मिलित हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ अति पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा) श्रीमती संध्या राय द्वारा करते हुए कार्यशाला की रूपरेखा से अवगत कराते हुए, क्रार्यक्रम मे पधारे अतिथिगणों का स्वागत भाषण से अभिवादन किया गया।
इस अवसर पर अति. पुलिस आयुक्त श्री आर.के. सिंह द्वारा महिलाओं की सुरक्षा व उनके विरूद्व होने वालें अपराधों की रोकथाम हेतु कानून में क्या-क्या प्रावधान है तथा इनके प्रति जागरूक रह, कैसे हम महिलाओं के लिये और बेहतर सामाजिक माहौल बना सकतें है, इस बारें में जानकारी दी गयी। उन्होनंे कहा कि, महिला संबंधी अपराध को रोकने के लिए पुलिस व प्रशासन के साथ-साथ समाज की भागीदारी भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसलिये हमें अपराधों पर कानूनी प्रावधानों के तहत कार्यवाही के साथ-साथ इसके संबंध में समाज में जन-जागरूकता लाने के भी प्रयास निरंतर रूप से करना चाहिये।
कार्यशाला में आएं अतिथि विशेषज्ञों ने महिला संबंधी अपराधों पर चर्चा करते हुए महत्वपूर्ण जानकारिया दी गई-
महिला बाल विकास विभाग के श्री महन्द्र पाठक द्वारा बाल विवाह की रोकथाम व उसके लिये प्रशासन की कार्ययोजना पर प्रकाश डाला।
सावित्रिबाई फुले संस्थान (निपसीड) व लीगल डिफेंस काउंसल श्रीमती सौम्या सिंह बघेल द्वारा सभी महिलाओं को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) में पीड़ित महिलाओं के लियें किस प्रकार की विधिक सहायता मिलती है तथा इसके अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के संबंध में भी जानकारी दी गयी। सीडब्ल्यूसी व एनजीओं आरंभ की श्रीमती मधुमति द्वारा सभी को महिला अपराधों में सपोर्ट पर्सन, पॉक्सों एक्ट, जे.जे. एक्त व विभिन्न प्रावधानों के तहत महिलाओं की सहायता में एनजीओं की क्या भूमिका है इस संदर्भ में बताया। साथ ही सभी अतिथियों ने महिलाओं व बच्चों के संरक्षण हेतु शासन की विभिन्न योजनाओं आदि की जानकारी और उनके शिक्षा व स्वास्थ्य को लेकर दिए प्रावधानों पर भी विस्तृत रूप से चर्चा की गई।
कार्यशाला में आई सभी महिलाओं को अति.पुलिस उपायुक्त श्रीमती संध्या राय द्वारा महिलाओं की सुरक्षा व उनके हितो के लिये कार्यरत् संस्थाओं व विभिन्न कानूनी प्रावधानों के बारें में जानकारी देतें हुए, महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए थानों में कार्यरत उर्जा डेस्क/हेल्प डेस्क की जानकारी व उसकी कार्यप्रणाली से अवगत करवाया। साथ ही उन्हें डायल-112, महिला हेल्प लाईन-181, साइबर हेल्पलाईन-1930 व 7049124445, क्राईम वॉच-7049108283, व्ही.केयर फॉर यू-7049124444 आदि पुलिस द्वारा संचालित विभिन्न हेल्पलाईन के बारें में भी बताकर, जागरूक किया गया।
इस दौरान कार्यशाला में आई महिलाओं द्वारा भी उपस्थित अतिथियों से महिलाओं की सुरक्षा व उनके संरक्षण के संबंध में भी चर्चा कर अपनी जिज्ञासाओं का शमन किया।






