★ मंगलवार को जनसुनवाई में आए 03 प्रकरणों में त्वरित कार्यवाही कर आवेदको को 37 लाख 23 हजार रुपये की राशि दिलवा कर, किया उनकी समस्याओं का संतुष्टि पूर्वक समाधान।
इंदौर- शहर में सामान्य आपसी व पारिवारिक विवादों के आपसी सामंजस्य से त्वरित व उचित निराकरण हेतु जिला विधिक न्यायालय प्राधिकरण के सहयोग से इंदौर पुलिस कमिश्नरेट अंतर्गत सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र (Community Mediation Center) का शुभारंभ दिनांक 25.06.25 को माननीय मुख्यमंत्री महोदय मध्य प्रदेश श्री मोहन यादव जी द्वारा किया गया था ।
इंदौर कमिश्नरेट द्वारा पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर के दिशा निर्देशन मे उक्त सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र का संचालन करते हुए छोटे-मोटे विवादों को आपसी सुलह के जरिए समाधान निकालकर, आम नागरिकों को त्वरित न्याय दिलाने के हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं।
इसी अनुक्रम में पुलिस आयुक्त कार्यालय मे विगत दिनों में आयोजित जनसुनवाई के दौरान आपसी व पारिवारिक विवादों, रुपये के लेनदेन आदि प्रकार के आवेदन पत्र प्राप्त हुए थे, जिन्हें सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र के माध्यम से दिनांक 17-18.02.26 को 07 आवेदकों की शिकायतों पर सुनवाई करते हुए ,05 प्रकरणों का त्वरित निराकरण आपसी सामंजस्य से करवाया गया और उनमें से भी तीन प्रकरणों में आवेदको को 37 लाख 23 हजार रुपये की राशि दिलवा कर, उनकी समस्याओं का संतुष्टि पूर्वक समाधान करवाया गया।
निराकरण किये गये प्रकरण जिसमे –
- आवेदिका मोनिषा पारियानी, पायल कुकरेजा एवं संगीता व्यास और अनावेदक गौरव राठौड़ के मध्य कृषि भूमि के सौदे के आपसी लेन देन का विवाद था । जिस पर मध्यस्थता की टीम द्वारा आपसी सामंजस्य से आवेदकगण को अनावेदक गौरव से 24,53,000 रुपये चैक के माध्यम से भुगतान करवाया गया।
- आवेदिका पुषविंदर कौर और अनावेदक अनंत राव छावडे के बीच आपसी लेनदेन का मामला था, आवेदिका बीमारी से पीड़ित थी और उसे पैसों की सख्त आवश्यकता होने से परेशान हो रही थी। जिस पर टीम व्दारा समझाईश से अनावेदक अनंत राव ने आवेदिका को 10, 000 रुपये ऑनलाइन माध्यम से भुगतान किए गए।
- आवेदक अंकित माहेश्वरी निवासी ग्वालियर का व्यापारिक लेन-देन का विवाद था,जिस पर टीम ने मध्यस्थता करवाते हुए आवेदक व अनावेदक में व्यापारिक शेष राशि 12,60,000 रुपये के सेटलमेंट की दोनों में आपसी सहमति बन गई।
सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र के माध्यम से इंदौर पुलिस कमिश्नरेट व्दारा सामान्य पारिवारिक विवादों, पड़ोसियों के झगड़ों, छोटे-मोटे संपत्ति विवादों, किराएदार-मालिक के झगड़ों और मामूली सिविल मामलों को बिना कानूनी कार्यवाही के प्रशिक्षित और अनुभवी मध्यस्थों (काउंसलर-mediators) की मदद से दोनों पक्षों के बीच बातचीत व आपसी सामंजस्य के माध्यम से हल करने के प्रयास किये जा रहे है।






