✓OPERATION MATRIX 2 के तहत क्राइम ब्रांच इंदौर की कार्यवाही लगातार जारी….

  

✅ बैंक ऑफ महाराष्ट्र के म्यूल बैंक खाते के माध्यम से संगठित अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी को दिया जा रहा था अंजाम।

 

✅ खाताधारक आनंद चौरसिया ने अपने बैंक खाते, रजिस्टर्ड सिम एवं बैंकिंग किट को 4,000 रुपये लेकर विशाल शेखावत को उपयोग एवं संचालन के लिए सौंपा था।

 

✅ उक्त म्यूल खाते के विरुद्ध तमिलनाडु, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र एवं तेलंगाना सहित 05 राज्यों में साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज होना पाया गया।

 

✅ साइबर अपराधों में प्रयुक्त बैंक खाते के वास्तविक उपयोगकर्ता एवं खाताधारक की भूमिका जांच में सामने आई।

 

इंदौर,। 0साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने हेतु पुलिस आयुक्त, नगरीय इंदौर के निर्देशन एवं पुलिस उपायुक्त (अपराध) के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा OPERATION MATRIX 2 के तहत साइबर अपराधों में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है।

 

इसी क्रम में राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय से प्राप्त पत्र दिनांक 25/08/2026 तथा I4C (गृह मंत्रालय), NCRP पोर्टल एवं साइबर क्राइम पोर्टल से प्राप्त इनपुट के आधार पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र के संदिग्ध म्यूल खाते की जांच की गई। जांच में उक्त बैंक खाते का खाताधारक आनंद चौरसिया निवासी नंदा नगर, इंदौर होना पाया गया।

 

जांच के दौरान खाताधारक आनंद चौरसिया से उपलब्ध जानकारी में सामने आया कि उसने विशाल शेखावत के कहने पर बैंक खाता खुलवाया था। खाते में सिम रजिस्ट्रेशन के लिए सिम भी विशाल द्वारा ही उपलब्ध कराई गई थी। इसके बाद आनंद चौरसिया ने उक्त खाते की रजिस्टर्ड सिम, बैंकिंग किट एवं खाते का संचालन एवं उपयोग 4,000 रुपये के बदले विशाल शेखावत को सौंप दिया था। इस प्रकार बैंक खाते का वास्तविक संचालन विशाल शेखावत द्वारा किया जा रहा था।

 

*अंतरराज्यीय साइबर अपराधों से जुड़ाव :*

साइबर क्राइम पोर्टल एवं उपलब्ध समन्वय इनपुट के परीक्षण में उक्त म्यूल बैंक खाते के विरुद्ध देश के 05 राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज होना सामने आया, जिनका विवरण निम्नानुसार है—

 

  1. तमिलनाडु – मदुरै सिटी, थाना के. पुदुर।
  2. दिल्ली – साउथ डिस्ट्रिक्ट, साइबर पुलिस स्टेशन साउथ।
  3. गुजरात – सुरेंद्रनगर, थाना वाधवान।
  4. महाराष्ट्र – बृहन्मुंबई सिटी, थाना नेहरू नगर।
  5. तेलंगाना – हैदराबाद, थाना बोराबांडा।

 

उक्त शिकायतें यह दर्शाती हैं कि संबंधित बैंक खाते का उपयोग विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों में किया गया है। जांच में खाताधारक आनंद चौरसिया एवं वास्तविक उपयोगकर्ता विशाल शेखावत की भूमिका प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाए जाने पर थाना क्राइम ब्रांच इंदौर में अपराध क्रमांक 0179/2026, धारा 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

 

*अग्रिम विवेचना :*

क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा प्रकरण में म्यूल बैंक खाते के माध्यम से हुए साइबर अपराधों, विभिन्न राज्यों में दर्ज शिकायतों तथा संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है। साथ ही आरोपियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले अन्य व्यक्तियों एवं इस अंतरराज्यीय साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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