• 04 आरोपियों से सैकड़ों सिम कार्ड, एटीएम कार्ड एवं बैंक पासबुक जप्त 
  • करीब 02 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा, 40-40 लाख रुपये के बड़े ट्रांजेक्शन भी सामने आए 
  • गिरफ्तार आरोपी है आदतन अपराधी, जो पूर्व में भी साइबर फ्रॉड के मामलों में जा चुके हैं जेल

 

इंदौर । शहर में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने तथा साइबर फ्रॉड में संलिप्त आरोपियों की पतारसी कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्यवाही करने के निर्देश पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष सिंह द्वारा दिए गए हैं। उक्त निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री मयंक अवस्थी, पुलिस उपायुक्त जोन-03 श्री अभिषेक रंजन, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री ओमप्रकाश एवं सहायक पुलिस आयुक्त हीरानगर श्रीमती रुबिना मिजवानी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी हीरानगर श्री सुशील पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने साइबर फ्रॉड के लिए बैंक खाते किराए पर उपलब्ध कराने वाले 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

थाना हीरानगर पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी कि कुछ व्यक्तियों द्वारा आमजन को झांसे में लेकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम का लाखों रुपये में अवैध लेनदेन किया जा रहा है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से साइबर फ्रॉड में उपयोग किए गए सैकड़ों सिम कार्ड, एटीएम कार्ड एवं बैंक पासबुक जप्त की गई हैं। प्रारंभिक जांच में करीब 02 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन की जानकारी सामने आई है, जिसमें 40-40 लाख रुपये के बड़े ट्रांजेक्शन भी पाए गए हैं। भारत सरकार के समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर इन बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी से संबंधित अवैध लेनदेन में किया जाना पाया गया है। आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर माननीय न्यायालय से पुलिस रिमांड प्राप्त किया जा रहा है, जिससे साइबर फ्रॉड से जुड़े अन्य मामलों एवं नेटवर्क के संबंध में विस्तृत पूछताछ में  कई खुलासे होने की संभावना है।

गिरफ्तार आरोपी- 1. सुरेन्द्र सिंह चौहान, उम्र 40 वर्ष, निवासी  इंदौर।

  1. मोहित उर्फ अनमोल कुशवाह, उम्र 24 वर्ष, निवासी  इंदौर।
  2. अमितेष रघुवंशी, उम्र 20 वर्ष, निवासी  गुना।
  3. श्याम रघुवंशी, उम्र 32 वर्ष, निवासी अशोकनगर।

प्राप्त जानकारी अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध पूर्व में भी साइबर फ्रॉड एवं अन्य अपराध पंजीबद्ध हैं तथा वे पूर्व में साइबर फ्रॉड के मामलों में जेल जा चुके हैं। आरोपियों से पूछताछ एवं जप्त सामग्री के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर अन्य साइबर अपराधों तथा संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है।

सराहनीय भूमिका- उक्त संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी हीरा नगर निरीक्षक श्री सुशील पटेल, उपनिरीक्षक श्री गौरव तिवारी, प्रधान आरक्षक श्री कालीचरण, प्रधान आरक्षक श्री देवेंद्र, आरक्षक श्री विश्वरतन एवं आरक्षक श्री अजय की सराहनीय भूमिका रही।

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