OPERATION MATRIX के तहत क्राइम ब्रांच इंदौर की कार्यवाही लगातार जारी….
🔸साइबर फ्रॉड में म्यूल खातों का उपयोग करने वाला 01 आरोपी गिरफ्तार
✅ उक्त तीनों बैंक खातों के विरुद्ध देश के विभिन्न राज्यों से साइबर ठगी की कुल 35 शिकायतें दर्ज होना पाया गया।
✅ आरोपी सचिन विश्वकर्मा, निवासी इंदौर द्वारा अपने नाम से संचालित तीनों बैंक खातों का म्यूल अकाउंट के रूप में उपयोग एवं संचालन करना किया स्वीकार ।
इंदौर । साइबर अपराधों की रोकथाम एवं साइबर फ्रॉड में प्रयुक्त संदिग्ध बैंक खातों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई हेतु पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर के निर्देशन में एवं पुलिस उपायुक्त (अपराध) नगरीय इंदौर के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा OPERATION MATRIX के अंतर्गत लगातार कार्यवाही की जा रही है।
इसी क्रम में राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय तथा I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre), गृह मंत्रालय, भारत सरकार, NCRP एवं Cyber Crime Portal से प्राप्त जानकारी के आधार पर संदिग्ध म्यूल बैंक खातों के संबंध में जांच की गई।
बैंक से प्राप्त जानकारी के अनुसार IDBI बैंक, बैंक ऑफ इंडिया एवं स्टेट बैंक ऑफ मॉरीशस में संचालित तीन संदिग्ध बैंक खाते आरोपी सचिन विश्वकर्मा, निवासी इंदौर के नाम से होना पाए गए।
Cyber Crime Portal पर उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार उक्त तीनों बैंक खातों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडू, केरलम, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड एवं अन्य राज्यों से साइबर धोखाधड़ी की कुल 35 शिकायतें दर्ज होना पाया गया। इन शिकायतों का संबंध इन राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों से सामने आया।
उपलब्ध साक्ष्यों एवं प्रारंभिक जांच के आधार पर आरोपी सचिन विश्वकर्मा द्वारा अपने उक्त तीनों बैंक खातों का म्यूल अकाउंट के रूप में उपयोग एवं संचालन करना स्वीकार किया गया। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत गिरफ्तार किया गया है।
अग्रिम विवेचना :
क्राइम ब्रांच द्वारा उक्त बैंक खातों के वास्तविक उपयोग, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन, खातों के संचालन में शामिल अन्य व्यक्तियों तथा संभावित अंतर्राज्यीय साइबर अपराध नेटवर्क के संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है।
क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा OPERATION MATRIX के अंतर्गत साइबर फ्रॉड में प्रयुक्त बैंक खातों, म्यूल अकाउंट्स एवं अंतर्राज्यीय साइबर अपराध नेटवर्क के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी है।


