“वर्दी से जागी नई उम्मीद” – नशा मुक्त समाज की ओर इंदौर पुलिस की अभिनव पहल

 

इंदौर नगरीय पुलिस द्वारा बालक एवं युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर करने तथा उन्हें एक सकारात्मक दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से “वर्दी से जागी नई उम्मीद” अभियान के अंतर्गत द्वितीय सत्र का सफल आयोजन किया गया। यह पहल पुलिस आयुक्त श्री संतोष कुमार सिंह के दिशा निर्देशन एवं पुलिस उपायुक्त (जोन-3) श्री राजेश व्यास के नेतृत्व में संचालित की जा रही है।

 

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर रोक लगाना, उन्हें अपराध की राह से दूर रखना तथा समाज में जागरूकता उत्पन्न करना है। कार्यक्रम के दौरान कुल 30 नशे से प्रभावित बालक/युवाओं एवं उनके परिवारों को शामिल कर उन्हें नशा छोड़ने के लिए प्रेरित किया गया। उपस्थित युवाओं ने उत्साहपूर्वक “नशे को ना लेने के लिए प्रेरित किया गया तथा बच्चो की रुचि कार्यक्रम में बनाने के लिए थोड़े खेल भी खिलवाया  गया  अवाम लकी ड्रा में जीतने वाले बच्चो को थाना प्रभारी के साथ आइसक्रीम खिलवायी गई यह आज अनोखी पहल कर बच्चों का ध्यान और आकर्षण कार्यक्रम में बना रहा जिससे बच्चों ने सराहा एवम नशा ना करने के लिए पुलिस को वादा किया ।

 

कार्यक्रम की रूपरेखा एवं क्रियान्वयन- कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (जोन-3) श्री रामसनेही मिश्रा एवं सहायक पुलिस आयुक्त, संयोगितागंज सर्कल श्री तुषार सिंह के मार्गदर्शन में थाना संयोगितागंज, थाना पलासिया एवं थाना छोटी ग्वालटोली क्षेत्र के ऐसे बालक एवं युवा, जो नशे की ओर अग्रसर हैं, तथा उनके परिजनों को कार्यक्रम में शामिल किया गया।

 

इस कार्य में थाना प्रभारी संयोगितागंज श्री के.पी. यादव, थाना प्रभारी पलासिया श्री सुरेन्द्र सिंह रघुवंशी, थाना प्रभारी छोटी ग्वालटोली श्री संजू काम्बले, उपनिरीक्षक जालम सिंह चौहान एवं अन्य पुलिस स्टाफ (आरक्षक 3920 सुनील, आरक्षक 1843 विजेन्द्र) द्वारा सक्रिय भूमिका निभाई गई।

 

काउंसलिंग एवं निष्कर्ष-

कार्यक्रम के दौरान एडिशनल डीसीपी एवं उनकी टीम द्वारा प्रत्येक बालक एवं उनके परिजनों की व्यक्तिगत काउंसलिंग की गई।

प्रथम सत्र में यह पाया गया कि युवाओं के नशे की ओर झुकाव के प्रमुख कारण निम्न हैं—

 

* परिवार के सदस्यों द्वारा नशा करना

* परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति

* गलत मित्रों की संगत

* सामाजिक परिवेश का नकारात्मक प्रभाव

 

इन कारणों को ध्यान में रखते हुए पुलिस द्वारा आगे भी नियमित काउंसलिंग, मार्गदर्शन एवं निगरानी की योजना बनाई गई है।

 

आगे की कार्ययोजना-

अभियान को और प्रभावी बनाने हेतु आगामी सत्रों में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ा जा सके और उन्हें एक स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर किया जा सके।

 

👉इंदौर पुलिस का यह प्रयास न केवल नशा मुक्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में नई उम्मीद जगाने वाला सशक्त अभियान भी है।

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