★ शेयर ट्रेडिंग के माध्यम से हुई थी लाखों रुपये की ठगी, पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही कर ₹10 लाख की राशि कराई फ्रीज।
★ डमी एप्लीकेशन के माध्यम से शेयर ट्रेंडिग कराकर दिया था ठगी की वारदात को अंजाम
★ पुलिस टीम ने ऑनलाइन ठगी करने वाले आरोपियों को बीङ (महाराष्ट), उडीसा, देवास से किया गया है गिरफ्तार।
इंदौर – शहर मे लोगो से छल कपट कर आर्थिक ठगी करने वालो के विरूध्द त्वरित व प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा दिये गये है। उक्त निर्देशों के तारतम्य मे पुलिस उपायुक्त जोन-04 श्री आनंद कलादगी व अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री दीशेष अग्रवाल के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस आयुक्त जूनी इंदौर श्री विजय चौधरी द्वारा थाना प्रभारी भंवरकुआ एवं पुलिस टीम को ऑनलाइन घोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया है।
पुलिस थाना भंवरकुआ पर दिनांक 28.01.2026 को फरियादी सचिन गुप्ता ने उपस्थित होकर बताया कि फरियादी को फेसबुक पर एक पोस्ट दिखाई दी जिसमें इन्वेस्टमेंट टिप्स के बारे में बताया गया। फरियादी द्वारा लिंक पर क्लिक करने पर एक व्हाट्सएप ग्रुप ओपन हुआ जिसमें फरियादी को शेयर मार्केट की टिप्स दी गई एवं शुरुआत में फरियादी को प्रॉफिट दिखाया गया। इसके बाद फरियादी को यह बोलकर की आपकी एप्लीकेशन से बुक में ट्रेडिंग नहीं हो सकती इसके लिए हमारे एप्लीकेशन पर लॉगिन करना होगा। उसके बाद फरियादी को एक डमी एप्लीकेशन प्रोवाइड की गई जिसमें लॉगिन करने पर फरियादी को बड़ी-बड़ी कंपनियों के बहुत कम दाम में लॉट बुक करवाए गए एवं उसके बाद फरियादी को बोला गया कि कंपनी के लॉट आपको अलॉट हो गए हैं, आपको पूरा पेमेंट अभी करना होगा वरना आपका सारा पैसा डूब जाएगा। इस तरह से कुछ कुछ दिनों के अंदर फरियादी से लगभग 9300000/- रूपये डमी एप्लीकेशन के माध्यम से विभिन्न खातों में ट्रांसफर करवाए गए। एप्लीकेशन में देखने पर फरियादी को लगभग चार करोड रुपए का फायदा दिखाया गया परंतु पैसा विड्रोल करने पर कोई भी पैसा नहीं आया। फरियादी की रिपोर्ट पर से थाना भंवरकुआ जिला इंदौर पर अपराध धारा 318(4) बीएनएस का पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन मे कार्यवाही करते हुये फरियादी व्दारा डाले गये विभिन्न खातो को फ्रीज करवाया गया जिस पर से कुल 1000000/- रूपये की राशि को फ्रीज कराया गया। प्रकरण मे जांच के दौरान ज्ञात हुआ कि आरोपी अपना खाता व लिंक सिम अग्रिम फायनेसिंयल फ्रॉड के लिये कुछ प्रतिशत के कमीशन पर बेच देते है। जिस पर पुलिस टीम व्दारा कार्यवाही करते हुये खाता धारक व सह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
अपराध पंजीबध्द के पश्चात WhatsApp group एवं जिन लोगों द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से फरियादी से संपर्क कर उन नंबर की जानकारी व्हाट्सएप से प्राप्त करने पर पता चला की सभी खाते कंबोडिया से संचालित किए जा रहे थे। विभिन्न खातों की जानकारी संबंधित बैंकों से प्राप्त कर आरोपियों के पतारसी हेतु टीमों को विभिन्न राज्यों में भेजा गया। खाता संचालक ने फर्जी एकाउंट खुलवाए गए एवं सभी आरोपी एक दूसरे से टेलीग्राम के माध्यम से संपर्क में थे। उक्त आरोपियों को तकनीकी जांच के आधार पर विभिन्न राज्यों से गिरफ्तार किया गया, जिनके विरुद्ध विवेचना के आधार पर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही हैं तथा अन्य वारदात के संबंध में भी पूछताछ की जा रही हैं।
गिरफ्तार आरोपी:-
1-विशाल चौहान उम्र 25 साल नि जिला बीङ महाराष्ट
2- गणेश राव उम्र 23 वर्ष नि. जिला बीड महाराष्ट्र
- आशीष पंवार उम्र 41 साल नि देवास
- नैवेध्द सिरोंजा उम्र 20 साल नि देवास
5-रश्मिरंजन उम्र 24 साल नि पुरी उडीसा
उक्त सराहनीय कार्य में थाना प्रभारी भंवरकुआ व पुलिस टीम उनि धर्मवीर चौहान, उनि सौरभ कुशवाहा (थाना चन्दन नगर) अरविंद पटेल आर. गौरव पर नितिन कुमार, आर. शैलेन्द्र, आर. विनीत, कुमार, आर, कपिल शर्मा (थाना-जूनी इंदौर) आरक्षक शाखा जोन-4 की महत्वपूर्ण भूमिका रही।





