सिंबायोसिस यूनिवर्सिटी में 500 से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता, 100 से अधिक प्रतिभागियों ने साइबर अपराध रोकथाम के लिए प्रस्तुत किए अभिनव आइडिया

 

GSITS की टीम रही प्रथम, IET DAVV ने द्वितीय एवं मेडीकैप्स यूनिवर्सिटी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, DPS निपानिया को मिला सांत्वना पुरस्कार

 

इंदौर, 07 जुलाई 2026। साइबर अपराधों की रोकथाम एवं नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा संचालित Safe Click 2.0 अभियान के अंतर्गत आज सिंबायोसिस यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज़ (SUAS), इंदौर के सहयोग से एक दिवसीय Cyber Hackathon का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं की तकनीकी दक्षता, नवाचार एवं रचनात्मक सोच को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र से जोड़ते हुए समाज के लिए सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करना था।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) श्री मयंक अवस्थी,  सिंबायोसिस यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. (डॉ.) दुर्गेश मिश्रा, कुलसचिव श्री मोहम्मद अदनान, पुलिस उपायुक्त ज़ोन-01 श्री नरेंद्र सिंह रावत, पुलिस उपायुक्त क्राइम श्री राजेश त्रिपाठी, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री राजेश दंडोतिया, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्रीमती मीना चौहान, सहायक पुलिस आयुक्त गांधी नगर सुश्री निधि सक्सेना,  विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण, पुलिस अधिकारी तथा लगभग 500 विद्यार्थी उपस्थित रहे।

 

अपने उद्बोधन में पुलिस आयुक्त श्री संतोष कुमार सिंह ने कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बदलते स्वरूप में सामने आ रहे हैं। इन चुनौतियों का प्रभावी समाधान तभी संभव है, जब पुलिस, शैक्षणिक संस्थान, तकनीकी विशेषज्ञ और समाज मिलकर कार्य करें।

वही कुलपति प्रो. (डॉ.) दुर्गेश मिश्रा ने विद्यार्थियों से अपनी तकनीकी प्रतिभा एवं नवाचार का उपयोग समाजहित में करते हुए साइबर सुरक्षा को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

 

इस अवसर पर पुलिस आयुक्त इंदौर सहित उपस्थित सभी अधिकारियों, शिक्षाविदों एवं विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा की शपथ भी ली । सभी ने स्वयं डिजिटल रूप से सतर्क रहने तथा अपने परिवार, मित्रों एवं समाज को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।

 

Hackathon में विभिन्न महाविद्यालयों एवं विद्यालयों के 500 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई, जिनकी टीमों ने लगभग 5 घंटे तक साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन विचार-विमर्श कर नवाचारपूर्ण समाधान तैयार किए। प्रतिभागियों ने अपने प्रोजेक्ट एवं विचारों को प्रस्तुतीकरण (Presentation) के माध्यम से ज्यूरी के समक्ष प्रस्तुत किया।

 

प्रतिभागियों ने साइबर फ्रॉड की रोकथाम, डिजिटल सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने, आमजन को सरल एवं प्रभावी तरीके से जागरूक करने तथा तकनीक आधारित सुरक्षा उपायों पर अनेक व्यवहारिक एवं नवाचारी सुझाव प्रस्तुत किए, जिन्हें ज्यूरी एवं उपस्थित अधिकारियों ने सराहा।

 

कठोर एवं पारदर्शी मूल्यांकन प्रक्रिया के उपरांत GSITS की टीम ने प्रथम, IET DAVV ने द्वितीय तथा मेडीकैप्स यूनिवर्सिटी की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं उत्कृष्ट प्रयास के लिए दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), निपानिया को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।

 

समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में ज्यूरी मेंबर्स  ने विजेता एवं प्रतिभागी टीमों को सम्मानित करते हुए उनके नवाचारी विचारों, तकनीकी दक्षता एवं साइबर सुरक्षा के प्रति समर्पण की सराहना की तथा उन्हें भविष्य में भी समाजहित में तकनीक आधारित समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया। इस आयोजन का सफल संचालन सिंबायोसिस यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ कम्प्यूटिंग साइंस एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (SCSIT) द्वारा डॉ. नेहा गुप्ता के मार्गदर्शन में किया गया।

 

Safe Click 2.0 Cyber Hackathon ने विद्यार्थियों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने, नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा इंदौर पुलिस एवं शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को नई दिशा प्रदान की। इंदौर पुलिस का Safe Click 2.0 अभियान इसी प्रकार विभिन्न नवाचारी गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर सुरक्षित डिजिटल जीवन का संदेश निरंतर दे रहा है।

keyboard_arrow_up
Skip to content