- क्विकराईट फायनेंस कंपनी के नाम से शगुन आर्केड विजयनगर में की थी फायनेंस कंपनी की शुरुवात, करीब 40 लोगों से की ठगी।
- पीडितों को दिया कम ब्याज पर तत्काल लोन का झांसा, मार्जिन मनी एडवांश जमा करने के नाम पर ले लिये लाखों रूपये , आरोपीगण रातोंरात हुये थे गायब।
धोखाधडी के अपराधो में त्वरित कार्यवाही करने निर्देशित किया गया था। इसी तारतम्य में बरिष्ठ अधिकारियों को कई पीडितों ने क्विकराईट फायनेंस कंपनी के शिवम तिवारी व अन्य के द्वारा लोन दिलाने के नाम पर लाखों रूपये प्राप्त कर धोखाधडी करने संबधी शिकायत प्रेषित की थी जिस पर थाना विजयनगर पर अपराध क्रमांक 134/26 धारा 316(5), 318(4) ,3(5) बीएनएस का पंजीबद्द कर अनुसंधान में लिया गया ।
अनुसंधान के दौरान की गई कार्यवाही आरोपीगण 1 शिवम तिवारी उम्र 33 बर्ष व्यवसाय- बर्तमान डायरेक्टर क्विकराईट फायनेंस कंपनी पता – शगुन आर्केड विजयनगर इंदौर , स्थाई निवासी- ग्राम खिरकिया तहसील खिरकिया जिला हरदा म.प्र. , बर्तमान पता- स्कीम न. 54 विजयनगर इंदौर, 2 देवेन्द्र गोलकर उम्र 27 बर्ष व्यवसाय- डायरेक्टर क्विकराईट फायनेंस कंपनी पता- शगुन आर्केड विजयनगर इंदौर , निवासी- ग्राम दहोत तहसील भीकनगांव जिला खंडवा म.प्र. बर्तमान पता-गौशाला केपास गोमटगिरी इंदौर, 3 विनय नागर उम्र 30 बर्ष निवासी- गणेश आटा चक्की गोतमपुरा नाका देपालपुर इंदौर 4 मिताली यादव उम्र 21 बर्ष मैनेजर क्विकराईट फायनेंस कंपनी पता – शगुन आर्केड विजयनगर इंदौर, निवासी- जनकपुरी कालोनी एम.आर.10 इंदौर को गिरफ्तार किया गया है जिन्हे मान. न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर पुलिस रिमांड प्राप्त कर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
अपराध का तरीका – आरोपी शिवम तिवारी पूर्व में फिनबुल माईक्रो फायनेंस कंपनी में काम करता था, इसी दौरान आरोपी शिवम तिवारी ने खुद की फायनेंस कंपनी खोलकर धोखाधडी करने की योजना बनाई जिसके लिये अपने परिचितों देवेन्द्र गोलकर एवं विनय नागर को प्रांरभ में 50-50 हजार रूपये देकर दोनो को डायरेक्टर बनाते हुये क्विकराईट फायनेंस कंपनी प्रांरभ की , क्विकराईट फायनेंस कंपनी का कंरट अकाउंट साउथ इंडियन बैंक में डायरेक्टर देवेन्द्र गोलकर एवं विनय नागर के दस्तावेजों का उपयोग कर खुलवाया गया। पीडितों के कहा गया कि उन्हे 5 लाख तक का तत्काल लोन बिना किसी गारंटर के मात्र आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि दस्तावेज प्रस्तुत करने पर प्रदान किया जावेगा लेकिन इसके लिये 20 प्रतिशत मार्जन मनी एडवांश में जमा करना होगी , पीडितों द्वारा अलग अलग अपनी अपनी जरूरत के हिसाब से लोन लेने के लिये 20 प्रतिशत मार्जन मनी क्विकराईट फायनेंस कंपनी के आफिस शगुन आर्केट पर शिवम तिवारी के पास जमा कराई गई जिसकी रसीदे मैनेजर मिताली द्वारा प्रदान की गई, मैनेजर मिताली द्वारा कुछ पीडितों की धनराशी स्वंय के खाते में प्राप्त की गई, सभी आरोपीगण ने मिलकर फरियादी सहित करीब 40 पीडितों से 25-30 लाख रूपये की धनराशी लोन देने के लिये एडवांश मार्जिन मनी जमा कराने के नाम पर प्राप्त कर आर्थिक धोखाधडी कारित की है।
उक्त सराहनीय कार्य में थाना प्रभारी थाना विजयनगर श्री चंद्रकांत पटेल के नेतृत्व में उप निरीक्षक बलवीर सिंह रघुवंशी, उनि श्रद्दा सिंह, प्र.आर. 3316 प्रमोद शर्मा , आर. 1076 पार्थ, आर. 2263 मोनू रघुवंशी व सायबर सेल से . विनीत, आर. प्रवीण जोन 02 इंदौर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।





