- डेली कॉलेज में एनसीसी कैडेट्स के लिए सड़क सुरक्षा विषय पर आयोजित कार्यशाला में कैडेट्स ने लिया ये संकल्प
- ट्रैफिक की पाठशाला में ट्रैफिक अल्फाबेटस, प्रजेंटेशन से जाने सड़क सुरक्षा के नियम
इंदौर- सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत आम जनमानस को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त, नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह के दिशा निर्देशन में एवं अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ( अपराध/मुख्यालय) श्री आर.के. सिंह एवं पुलिस उपायुक्त यातायात श्री राजेश कुमार त्रिपाठी के मार्गदर्शन में लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे है।
इसी क्रम में यातायात प्रबंधन पुलिस द्वारा 1 एमपी एयर स्क्वाड्रन एनसीसी, इन्दौर के कैडेट्स के लिए डेली कॉलेज में आयोजित एनुअल ट्रेनिंग कैंप के दौरान “सड़क सुरक्षा जागरूकता” के अंतर्गत एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना एवं उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम के दौरान एनसीसी अधिकारियों एवं यातायात पुलिस की टीम ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए बताया कि एनसीसी का ध्येय वाक्य “एकता और अनुशासन” है, जिसे हमें अपने दैनिक जीवन के साथ-साथ सड़क पर भी अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी हम सड़क पर वाहन चलाएं या पैदल चलें, तो पूर्ण अनुशासन के साथ चलें और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं का सम्मान करें, क्योंकि यही सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
कार्यशाला में वीडियो एवं प्रेजेंटेशन के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता को समझाया गया तथा घायल व्यक्तियों की सहायता हेतु चलाई जा रही “राहवीर योजना” की जानकारी दी गई। बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल की तुरंत मदद करता है और उसे अस्पताल पहुंचाता है, तो वह किसी की जान बचा सकता है। इसके साथ ही उसे शासन द्वारा प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है, और सबसे बड़ी संतुष्टि यह होती है कि उसकी सहायता से एक परिवार को संकट से बचाया जा सका।
कैडेट्स को रोचक तरीके से “ट्रैफिक अल्फाबेट” के माध्यम से सड़क सुरक्षा नियमों के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। इस दौरान सड़क सुरक्षा संकेतक (साइन बोर्ड), रोड मार्किंग, ब्लैक स्पॉट एवं ब्लाइंड स्पॉट, ट्रैफिक कंट्रोल के हैंड साइन, ई-चालान प्रणाली, ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया, यातायात संसाधन एवं यातायात पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
यातायात पुलिस द्वारा सभी एनसीसी कैडेट्स से अपील की गई कि वे न केवल स्वयं यातायात नियमों का पालन करें, बल्कि अपने परिवार एवं समाज को भी इसके लिए प्रेरित करें। विशेष रूप से अपने माता-पिता एवं परिजनों को हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग के लिए जागरूक करें। यह भी बताया गया कि बच्चों की बात को परिवार में गंभीरता से लिया जाता है, इसलिए उनका प्रयास सड़क सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
कार्यक्रम के अंत में एनसीसी कैडेट्स ने “ट्रैफिक प्रहरी” अभियान से जुड़कर भविष्य में भी यातायात पुलिस का सहयोग करने का संकल्प लिया। एनसीसी अधिकारियों ने यातायात पुलिस के इस जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए भविष्य में भी हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।





