🔸पुलिस की पाठशाला में अपराधियों ने साझा किए अपने अनुभव, युवाओं को अपराध से दूर रखने का लिया प्रण
🔸“मेरी बीट सबसे ठीक” की दिशा में भी कार्यवाही के लिए किया अधिकारियों को निर्देशित ।
इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा अपराध नियंत्रण एवं समाज में सकारात्मक वातावरण निर्मित करने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नर नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह के दिशा निर्देशन में कार्यवाही के साथ साथ नित नए प्रयास किए जा रहे हैं। इसी जन-जागरूकता प्रयासों के अंतर्गत दिनांक 04.06.26 को थाना हीरानगर परिसर में थाना बाणगंगा एवं हीरानगर क्षेत्र के गुंडे, निगरानीशुदा एवं आदतन अपराधियों की विशेष पाठशाला आयोजित की गई।
उक्त कार्यक्रम में डीसीपी ज़ोन-03 श्री अभिषेक रंजन एवं एडिशनल डीसीपी ज़ोन-03 श्री रामस्नेही मिश्रा द्वारा थाना प्रभारी बाणगंगा और हीरा नगर व बीट अधिकारी/कर्मचारियों सहित उपस्थित सभी आपराधिक प्रवृति के लोगों को अपराध के दुष्परिणामों एवं उससे होने वाले सामाजिक एवं पारिवारिक नुकसान के संबंध में विस्तृत समझाइश दी गई।
इस दौरान उपस्थित व्यक्तियों ने स्वयं अपराध की दुनिया में आने के बाद अपने जीवन में आई कठिनाइयों, सामाजिक उपेक्षा, पारिवारिक तनाव एवं अन्य समस्याओं को सभी के समक्ष साझा किया। उनके अनुभवों को सुनकर उपस्थित अन्य लोगों को भी अपराध से दूर रहने तथा समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की प्रेरणा मिली।
अधिकारियों द्वारा सभी को समझाया गया कि वास्तविक पश्चाताप केवल स्वयं अपराध छोड़ने में नहीं, बल्कि अपने मोहल्ले एवं आसपास के युवाओं को भी अपराध की राह पर जाने से रोकने में है। इसी उद्देश्य से सभी ने सामूहिक रूप से “मेरा मोहल्ला नो हो हल्ला” का संकल्प लिया तथा यह वचन दिया कि वे स्वयं अपराध से दूर रहेंगे, अपने क्षेत्र में अपराध को बढ़ावा नहीं देंगे तथा किसी भी आपराधिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देंगे।
साथ ही सभी को अपने-अपने बीट प्रभारी अधिकारियों के सतत संपर्क में रहकर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं सकारात्मक वातावरण बनाए रखने हेतु प्रेरित किया गया।
अधिकारियों द्वारा सभी बीट प्रभारियों को भी निर्देशित किया गया कि वे “मेरी बीट सबसे ठीक” की अवधारणा को धरातल पर उतारते हुए अपने क्षेत्रों को अपराधमुक्त एवं अनुकरणीय बनाने के लिए सतत प्रयास करें।
उक्त कार्यवाही के दौरान कुल 87 आदतन अपराधियों को शामिल किया गया। सभी के डॉजियर भरवाए गए तथा रेड एवं येलो नोटिसों की तामील कराकर, आगे कोई अपराध न करने की हिदायत भी दी गई।





