◆ सड़क दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए, विगत 20 दिनों में शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले 2830 लापरवाह वाहन चालको के विरुद्ध की है 185 मो.व्ही. एक्ट की कार्यवाही, और इसे आगे भी जारी रखने के दिए निर्देश।
◆ पुलिस के साथ नागरिकों का आपसी समन्वय और जनसहभागिता बढ़ाने हेतु मोहल्ला समिति बैठकों को और व्यापक करने की बात पर दिया जोर।
इंदौर – शहर में अपराधों पर नियंत्रण हेतु पुलिस की कार्यप्रणाली को बेहतर करने तथा उसमें और कसावट लाने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा इंदौर नगरीय क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों के साथ एक बैठक का आयोजन आज दिनांक 06.04.26 को कार्यालय के सभागार में किया गया
उक्त बैठक में अति पुलिस आयुक्त (अपराध/मुख्यालय) इंदौर श्री आर. के. सिंह सहित नगरीय क्षेत्र के सभी पुलिस उपायुक्तगण उपस्थित रहें।
उक्त बैठक के दौरान पुलिस कमिश्नर इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह ने विगत समय में पुलिस द्वारा की गई कार्यवाहियों की ज़ोन वाइज समीक्षा की । जिसमे इस वर्ष में अभी तक के अपराधों की समीक्षा कर, गंभीर अपराधों, माइनर अपराध, प्रतिबंधात्मक कार्यवाही, विवेचना में ई-एफआईआर, ई-साक्ष्य, ई-समंस आदि कार्यवाही सहित यातायात व्यवस्था व प्रबंधन, चेंकिंग व ड्रोन पेट्रोलिंग एवं सामुदायिक पुलिसिंग के तहत की जा रही मोहल्ला मीटिंग आदि कार्यवाही पर चर्चा की गई।
सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश हेतु विगत 16 मार्च से 05 अप्रेल 2026 तक शराब पीकर वाहन चलाने वाले 2830 वाहन चालकों के विरुद्ध 185 मोटर व्हीकल एक्ट की कार्यवाही की गई है, जिस पर पुलिस कमिश्नर द्वारा ऐसे लापरवाह वाहन चालकों के विरुद्ध और ज्यादा व प्रभावी कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया।
साथ ही शहर में बेहतर पुलिस व्यवस्था व कार्यवाही के लिए सभी को निम्न निर्देश दिए-
* बदमाशों, असामाजिक तत्वों व आदतन अपराधियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही और बाउंड ओवर की कार्यवाही निरंतर रूप से की जाए और समय समय पर अधिकारीगण इसकी मॉनिटरिंग भी करें
- पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत विभिन्न न्यायालयों के कार्यो की लगातार मॉनिटरिंग की जावे और कार्यप्रणाली को और बेहतर कर, बदमाशों के विरुद्ध प्रभावी प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की जावे।
* शातिर बदमाशों व गंभीर प्रकरणों के आरोपियों की जमानत निरस्तीकरण की कार्यवाही की जावे।
- पुलिस की कार्यवाही में और कसावट लाने के लिए थाना क्षेत्रों के बीट और माइक्रो बीट सिस्टम को और सक्रिय कर, कार्यों की समीक्षा व सतत निगरानी की जावें।
- शहर में आपराधिक व असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर निगरानी हेतु रात्रि में प्रभावी चैकिंग के लिए थाना प्रभारी भी उपस्थित रहकर कार्यवाही करें व वरिष्ठ अधिकारीगण भी समय समय पर इसकी मॉनिटरिंग व ब्रीफिंग करें, ये भी निर्देशित किया।
* क्षेत्र में ड्रोन पेट्रोलिंग कर, असामाजिक तत्वों व बदमाशों के हॉट स्पॉट व शैडो एरिया पर रखी जाए कड़ी निगरानी व चेंकिंग।
* अपराधों के अनुसंधान में CCTNS के अंतर्गत की जाने वाली कार्यवाही ई-साक्ष्य, ई-विवेचना, ई-समंस/वारंट आदि को और बेहतर करने के लिए दिए आवश्यक दिशा निर्देश।
* थानों पर ई-एफआईआर व जीरो-एफआईआर की कार्यवाही के संबंध में भी निर्देशित किया गया।
- सुरक्षित यातायात हेतु जागरूकता कार्यक्रमो के साथ नियम तोड़ने वाले चालकों के विरुद्ध सख्ती से कार्यवाही की जावें।
* शहर में अवैध मादक पदार्थो की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिये योजनाबद्ध तरीके से इन अपराधों में संलिप्त बदमाशों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की जावें तथा इनके नेटवर्क को भी ध्वस्त किया जावें।
* एनडीपीएस एक्ट के आदतन अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी की जावें तथा इनके विरूद्ध सख्त व कड़ी कार्यवाही की जावें।
* आमजन की शिकायतों को प्राथमिकता से लेते हुए उनकी व्यथा को अच्छे से सुन, उनके त्वरित निराकरण के हरसंभव प्रयास किये जावें।
साथ ही सामुदायिक पुलिसिंग के तहत आमजन की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से आमजन में महिला सुरक्षा, यातायात, सायबर अपराधों व अन्य सामाजिक विषयो पर जनजागरूकता लाने हेतु मोहल्ला समितियों के साथ समय-समय पर बैठकें आयोजित कर उनकी समस्याओं व सुझावों पर कार्यवाही करने पर भी जोर दिया।





