- पुलिस थाना विजयनगर ने चन्द घंटों में चोरी का खुलासा कर, आरोपी को कर लिया गिरफ्तार।
- पूर्व कर्मचारी ही निकला 70 लाख की चोरी का मास्टरमाइंड।
इंदौर – शहर के थाना विजयनगर पुलिस ने ऑफिस में हुई 1,70,000/- रुपये की चोरी का चंद घंटों में खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। चौंकाने वाली बात यह रही कि चोरी करने वाला कोई और नहीं, बल्कि उसी ऑफिस का पूर्व कर्मचारी निकला, जिसे कुछ दिन पहले काम से निकाल दिया गया था। नौकरी से निकाले जाने के गुस्से में ही उसने वारदात को अंजाम दिया।
घटनाक्रम- दिनांक 05/05/2026 को फरियादी दीपक काले, निवासी पुष्प विहार एक्सटेंशन इंदौर ने थाना विजय नगर पर रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके ऑफिस एन.आर.के. बिज पार्क पी.यू. 4 में अज्ञात चोर द्वारा दराज से 1,70,000/- रुपये चोरी कर लिए गए है। जिस पर थाना विजयनगर में अप. धारा 331(3), 305-ए बी.एन.एस. का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
शहर में चोरी नकबजनी की घटनाओं पर अंकुश लगाने हेतु पुलिस आयुक्त इंदौर द्वारा दिए गए निर्देशानुसार, थाना प्रभारी चन्द्रकांत पटेल द्वारा उक्त प्रकरण में टीम गठित की गई। मल्टी के 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगालने पर हेलमेट और रूमाल से चेहरा ढके एक व्यक्ति को ऑफिस में आते-जाते देखा गया।
सायबर सेल व मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की पहचान संजय बड़ोदिया, उम्र 28 साल, निवासी इंदौर के रूप में हुई।
उक्त जानकारी पर पुलिस ने संदिग्ध आरोपी संजय को पकड़ा जिसने पूछताछ में अपराध करना स्वीकार किया। उसने बताया कि वह पूर्व में इसी ऑफिस में काम करता था। कुछ दिन पूर्व उसे काम से निकाल दिया गया था, जिसके गुस्से और बदले की भावना में उसने ऑफिस की रेकी कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
बरामदगी- आरोपी के घर से चोरी गए 1,70,000/- रुपये में से 1,50,000/- रुपये नगद जप्त किए गए। आरोपी ने बताया कि शेष 20,000/- रुपये उसने खाने-पीने व वाहन ठीक कराने में खर्च कर दिए।
उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी चन्द्रकांत पटेल, सउनि राजबीर सिंह मावई, प्रआर. मुकेश, आर. शंशांक, आर. कपिल, आर. कमल शाक्यवार, सायबर सेल में पदस्थ आर. प्रवीण, आर. विनीत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की अपील — पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि अपने घर/प्रतिष्ठानों में कर्मचारी/नौकर का पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करवाएं और अपने पूर्व कर्मचारियों का भी रिकॉर्ड रखें और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।





