• पुलिस कमिश्नर इंदौर ने नागरिकों के बीच पहुँच किया जनसंवाद, जानी क्षेत्र की समस्याएं व उनके सुझाव।

 

इंदौर- आमजन से बेहतर सामंजस्य और पुलिस व जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से, थाना भंवरकुआ क्षेत्रान्तर्गत इंद्रपुरी कालोनी में मोहल्ला मीटिंग व जन–संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

 

पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह के मुख्य आतिथ्य में आयोजित उक्त कार्यक्रम में अति पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री अमित सिंह, प्रभारी पुलिस उपायुक्त ज़ोन-04 श्री कृष्ण लालचंदानी, अति पुलिस उपायुक्त अपराध श्री राजेश डंडोतिया, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ज़ोन-04 श्री दिशेष अग्रवाल, सहायक पुलिस आयुक्त जूनी इंदौर श्री विजय चौधरी, थाना प्रभारी भंवरकुआ श्री राजकुमार यादव सहित स्थानीय रहवासियों व छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या ने भाग लेकर न केवल अपनी समस्याएँ साझा कीं, बल्कि कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में पुलिस का सहयोग करने का संकल्प भी व्यक्त किया।

 

कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर इंदौर ने आमजन के बीच पहुँच क्षेत्रवासियों से सीधे संवाद किया। रहवासियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा उनके त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। साथ ही इस दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए उनके भविष्य के बारे मे चर्चा करते हुए, नशे के दुष्प्रभावों व यातायात नियमों का पालन करने के प्रति भी जागरुक किया।

 

कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों और पुलिस के मध्य विश्वास, संवाद और सहयोग को सुदृढ़ करना तथा सुरक्षा, सायबर फ्रॉड, यातायात जागरुकता एवं सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाना है।

 

जनसंवाद कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य-

 

  • साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूकता-

 

कार्यक्रम में बढ़ते साइबर अपराधों पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस आयुक्त  ने बताया कि ऑनलाइन ठगी के तरीके तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए नागरिकों को अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। अनजान कॉल, संदेश या लिंक पर जानकारी साझा न करने, सुरक्षित डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म का उपयोग करने तथा OTP/पासवर्ड गोपनीय रखने की सलाह दी गई। साथ ही साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तत्काल शिकायत दर्ज कराने हेतु प्रेरित किया गया।

 

  • नशे से दूरी एवं युवाओं में जागरूकता-

नशीले पदार्थों के दुष्परिणामों पर विस्तृत चर्चा की गई। पुलिस आयुक्त महोदय ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए हानिकारक है। युवाओं को नशे से दूर रहते हुए खेल, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया गया। नशा मुक्ति अभियानों और संबंधित हेल्पलाइन की जानकारी भी प्रदान की गई।

 

  • जनता–पुलिस संबंधों को मजबूत बनाना-

 

नागरिकों और पुलिस के बीच मजबूत संवाद को सुरक्षा व्यवस्था के लिए आवश्यक बताया गया। किसी भी आपराधिक गतिविधि की त्वरित सूचना देने का आग्रह किया गया। बीट अधिकारियों की भूमिका, समुदाय पुलिसिंग तथा महिला सुरक्षा पहलों की जानकारी भी साझा की गई।

 

  • अन्य महत्वपूर्ण बिन्दु

ट्रैफिक व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, असामाजिक तत्वों पर निगरानी तथा सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा पर भी सार्थक चर्चा हुई। नागरिकों द्वारा उठाए गए प्रश्नों पर अधिकारियों ने आवश्यक दिशा–निर्देश दिए।

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