• आईपीएल (IPL) क्रिकेट मैच के महामुकाबले पर चल रहे इंटरनेशनल ऑनलाइन सट्टेका पर्दाफाश; 08 हाईटेक सटोरिये गिरफ्तार! 
  •  वेबसाइट के जरिए फैला रखा था सट्टे का मायाजाल: इंदौर क्राइम ब्रांच ने रंगे हाथों दबोचा । 
  • लाखों के गैजेट्स जप्त: 23 स्मार्टफोन, 03 हाई-एंड लैपटॉप, राउटर और 55 इंच की LED TV के साथ सट्टे का पूरा सिंडिकेट ध्वस्त । 
  • आरोपी कुणालदास की इसमें मुख्य भूमिका है, इसके ही द्वारा अन्य सदस्यों को टेलीग्राम ऐप के माध्यम से संपर्क कर अच्छी जॉब का लालच देकर बुलाया गया था इंदौर। 
  • इनकी लिंक दुबई तक होने की भी है संभावना । 
  • आरोपी मकान में गुप्त तरीके से रह कर रहे थे सट्टा संचालित।
  • क्राईम ब्रांच इंदौर पुलिस की आईपीएल (IPL) क्रिकेट के ऑनलाइन सट्टे से संबंधित यह लगातार चौथी कार्यवाही है, जिसमे अब तक कुल 04 प्रकरणों में 19 आरोपियों को किया जा चुका है गिरफ्तार।

 

इंदौर शहर में अवैध गतिविधियों और संगठित सट्टेबाजी में संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही के सख्त निर्देश पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा दिए गए हैं। उक्त निर्देशों के अनुक्रम में अति पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर के निर्देशन में पुलिस उपायुक्त क्राइम ब्रांच द्वारा टीम गठित कर लगातार गोपनीय रूप से आसूचना संकलन कर प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।

दिनांक 26 मई 2026 की रात, थाना प्रभारी अपराध शाखा और उनकी टीम इलाका भ्रमण पर थी। इसी दौरान विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि बापजीनगर, इंदौर की पहली मंजिल पर एक बड़ा गिरोह आईपीएल मैच पर ऑनलाइन सट्टे का अवैध कारोबार संचालित कर रहा है।

वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर, पुलिस टीम ने तत्काल विधिवत उक्त मकान पर अचानक दबिश दी। पुलिस जब कमरे में दाखिल हुई तो वहां अफरा-तफरी मच गई। दीवार पर लगी बड़ी LED TV पर मैच चल रहा था और 08 युवक लैपटॉप, दर्जनों मोबाइल और वाई-फाई राउटर के जरिए लगातार सट्टा बुक कर रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इंटरनेशनल वेबसाइट के जरिए कसीनो और क्रिकेट मैच का ऑनलाइन सट्टा चलाकर अवैध रूप से लाखों रुपये कमा रहे थे।

पुलिस कार्यवाही –  आरोपियों का कृत्य एक सुनियोजित और संगठित सिंडिकेट पाए जाने के कारण,थाना अपराध शाखा में आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 112(1) पब्लिक गेम्बलिंग (मध्यप्रदेश) एक्ट, 1976 की धारा 4(क) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 66 के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया है।

सनसनीखेज खुलासे

IPL का ‘डिजिटल ब्लैक मार्केट’: रॉयल चैलेन्जर्स बैंगलुरु (RCB) बनाम गुजरात जाईट्स (GT) के मैच पर प्रति गेंद और प्रति ओवर लगाया जा रहा था हार-जीत का दांव।

हवाला और कॉइंस का खेल: सटोरिये अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाकर ग्राहकों को सीक्रेट आईडी और पासवर्ड जनरेट करके देते थे।

हिसाब-किताब का ‘काला रजिस्टर’: छापे के दौरान पुलिस को सट्टे के करोड़ों के लेनदेन का ब्योरा समेटे हुए रजिस्टर और 13 अलग-अलग बैंकों के डेबिट कार्ड मिले हैं।

अंतराष्ट्रीय गैंग सक्रिय: पकड़े गए आरोपी सिर्फ मध्य प्रदेश , ओडिशा (खुर्दा, नयागढ़) और जबलपुर ही नहीं बल्कि दुबई तक संपर्क रख कर रहे थे ऑपरेट, जो इंदौर को अपना सेफ हाउस बनाकर सिंडिकेट चला रहे थे।

जप्त की गई सामग्री-  कुल जप्त मश्रुका का अनुमानित मूल्य- ₹10,57,000/-

23 एंड्रॉइड व आईफोन (iPhone) (विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड सहित)

03 लैपटॉप (HP, Dell और ASUS कंपनी के मय चार्जर)

01 हायर (Haier) कंपनी की 55 इंच की बड़ी स्मार्ट LED टीवी

01 एयरटेल कंपनी का हाई-स्पीड वाई-फाई राउटर मय चार्जर

13 डेबिट कार्ड (अलग-अलग बैंकों के, जिनका उपयोग फंड ट्रांसफर के लिए होता था)

सट्टे के हिसाब-किताब के 04 लेनदेन रजिस्टर जिनसे लगभग 15 खातों की जानकारी मिली जो कि निम्न बैंको से संबंधित है। –

(Bank of Maharashtra, union Bank , Utkarsh Bank, CSB bank DVSB bank, Jharkhand gramid bank)

 

गिरफ्तार आरोपियों के नाम और विवरण (कुल 08 आरोपी):

  1. राजेन्द्रदास (उम्र 23 वर्ष, निवासी:ओडिशा; हाल मुकाम: बापजीनगर, इंदौर)
  1. रामास्वामी (उम्र 31 वर्ष, निवासी: जबलपुर, म.प्र.)
  1. चिन्मयकुमार साहु (उम्र 24 वर्ष, निवासी: नयागढ़, ओडिशा)
  1. आनंद प्रधान (उम्र 22 वर्ष, निवासी: खुर्दा, ओडिशा)
  1. अविनाश ठाकुर (उम्र 29 वर्ष, निवासी:  जबलपुर, म.प्र.)
  1. कुणालदास (मुख्य आरोपी) (उम्र 28 वर्ष, निवासी:  जबलपुर; हाल मुकाम: बापजीनगर, इंदौर)
  1. शशांक नेगी (उम्र 29 वर्ष, निवासी:  जबलपुर, म.प्र.)
  1. विकास विश्वाल (उम्र 21 वर्ष, निवासी: ओडिशा; हाल मुकाम: बापजीनगर, इंदौर)

 

आरोपी ज्यादातर प्राइवेट जॉब जैसे स्वीगी/जॉमेटो/रेपिडो आदि में काम करते थे एवं लो प्रोफाइल में रह कर अपनी पहचान छुपाये हुए थे।

अग्रिम जांच: इस बड़े रैकेट की कड़ियों को खंगालने और इनके बैंक खातों को फ्रीज करने की विस्तृत विवेचना इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही है।

 

सराहनीय भूमिका –  उक्त हाईटेक गिरोह को दबोचने में थाना प्रभारी एवं सहायक टीम की विशेष और अहम भूमिका रही।

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