- आरोपी के कब्जे से एटीएम, पासबुक और मोबाइल जब्त
- कई व्यक्तियों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर किया गया था अवैध लेन-देन
इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा पुलिस आयुक्त, नगरीय इंदौर के निर्देशन में साइबर अपराधों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्यवाही की जा रही है। जिसके तारतम्य में अपराध शाखा एवं साइबर सेल की टीमें ऐसे अपराधियों की पहचान कर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही कर रही हैं।
थाना अपराध शाखा, इंदौर में एक संगठित साइबर ठगी का प्रकरण दर्ज किया गया था। यह प्रकरण फरियादी सादाब खान पिता मकसूद खान, निवासी अहमद नगर, सिरपुर बाँक, इंदौर की शिकायत पर पंजीबद्ध किया गया।
आरोपी का नाम – विष्णु परमार द्वारा फरियादी को लोन दिलाने का झांसा देकर उसके व्यक्तिगत दस्तावेज —
आधार कार्ड, पैन कार्ड, बिजली बिल, फोटो आदि प्राप्त किए गए।
आरोपी द्वारा फरियादी के नाम से Indian Bank एवं UCO Bank की शाखाओं में बैंक खाते खुलवाए गए, जिनकी पासबुक एवं एटीएम कार्ड अपने पास रख लिए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने फरियादी की माता व अन्य व्यक्तियों के नाम से भी उक्त बैंकों में खाते खुलवाए तथा उनके दस्तावेजों का भी दुरुपयोग किया।
घटना का विवरण:-
दिनांक 29.09.2025 को फरियादी को बलसाड़ ग्रामीण पुलिस स्टेशन से एक सूचना पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें उसके बैंक खातों से संबंधित संदिग्ध लेन-देन की जानकारी दी गई थी।
सूचना मिलने के बाद फरियादी ने संबंधित बैंक शाखा में जाकर जानकारी प्राप्त की, जहां यह स्पष्ट हुआ कि—उसके नाम से खोले गए खातों में उसकी जानकारी एवं सहमति के बिना अवैध धनराशि का लेन-देन किया गया है।
बैंक अधिकारियों द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि ये ट्रांजेक्शन फरियादी द्वारा स्वयं नहीं किए गए हैं, बल्कि खातों का दुरुपयोग कर तृतीय व्यक्तियों द्वारा किए गए हैं।
इसी के तहत दिनांक 29.09.2025 को फरियादी को प्रथम बार यह संज्ञान हुआ कि उसके दस्तावेजों का उपयोग कर ऑनलाइन फ्रॉड किया गया है।
विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी द्वारा इन बैंक खातों का उपयोग ऑनलाइन ठगी की राशि को ट्रांसफर के लिए किया गया।
पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आरोपी विष्णु परमार निवासी सिरपुर बाँक,धार रोड, चंदन नगर, इंदौर
को विधिवत गिरफ्तार किया गया।
आरोपी से पूछताछ जारी है तथा उसके अन्य सहयोगियों, बैंक खातों के माध्यम से किए गए लेन-देन एवं कुल ठगी की राशि के संबंध में विस्तृत विवेचना की जा रही है।
साइबर एडवाइजरी — सावधान रहें, सुरक्षित रहें
इंदौर पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है—
1.लोन दिलाने के नाम पर किसी भी अजनबी को
2.अपने बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, ओटीपी, आधार-पैन विवरण न दें।
3.किसी के कहने पर अपने या किसी अन्य व्यक्ति के बैंक खाते का उपयोग करना,
उसमें पैसे प्राप्त करना या ट्रांसफर करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
4.किसी भी संदिग्ध कॉल, लोन ऑफर या बैंक संबंधी सूचना की तत्काल पुलिस या बैंक से पुष्टि करें।
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इंदौर पुलिस, कमिशनरेट





